धनबाद में भू-धंसान से मकान जमींदोज, 10 साल के बच्चे की मौत; चार घायल, 12 परिवारों पर मंडराया खतरा
धनबाद। धनबाद के सिजुआ इलाके में मंगलवार तड़के भू-धंसान की दर्दनाक घटना में एक 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। जमीन धंसने से एक मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। हादसे में बच्चे की मां समेत चार लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटना जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ 10 नंबर मोड़ स्थित मोदीडीह भुइंटा पट्टी की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब पांच बजे अचानक तेज चरचराहट की आवाज सुनाई दी। इसके बाद गुड्डू भुइयां का मकान जमीन में धंस गया।

घर में सो रहे थे परिवार के सदस्य
हादसे के वक्त गुड्डू भुइयां घर पर नहीं थे। उनकी पत्नी चंदा देवी और चार बच्चे घर के अंदर मौजूद थे। मकान के धंसने के बाद आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाना शुरू किया और परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला।
हादसे में 10 वर्षीय विक्रम कुमार भुइयां की मौत हो गई। वहीं उसकी मां चंदा देवी और तीन अन्य बच्चे घायल हो गए। सभी घायलों को कतरास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शी अर्जुन भुइयां के मुताबिक, वह सुबह पानी चलाने के लिए टुल्लू पंप लगाने जा रहे थे, तभी मकान की तरफ से चरचराहट की आवाज आई। कुछ ही देर में मकान धंस गया और अंदर से चीख-पुकार सुनाई देने लगी। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।
पांच घर पूरी तरह जमींदोज, कई मकान क्षतिग्रस्त
घटना के बाद बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की गई है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, करीब 12 परिवार प्रभावित हुए हैं।
इनमें गुड्डू भुइयां, करण भुइयां, जर्नादन मल्लाह, केदार भुइयां और गोपी भुइयां के मकान पूरी तरह जमींदोज होने की बात सामने आई है। वहीं कुछ अन्य मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।

सड़क पर उतरे लोग, मुआवजे और पुनर्वास की मांग
हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने धनबाद-कतरास मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने और भू-धंसान से प्रभावित सभी परिवारों के सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग की।
स्थानीय लोगों ने इलाके में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं के लिए अवैज्ञानिक खनन और भूमिगत खदानों को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का आरोप है कि खनन के बाद खदानों में भराई का काम भी प्रभावी तरीके से नहीं होने के कारण जमीन के नीचे खोखलापन बढ़ रहा है।
इन आरोपों पर संबंधित प्रबंधन और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
मौके पर पहुंचे विधायक
घटना की सूचना मिलने के बाद विधायक शत्रुघ्न महतो भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। विधायक ने सीएमडी, उपायुक्त और एसपी समेत संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी देने की बात कही और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
बारिश के बीच बढ़ी भू-धंसान की चिंता
धनबाद कोयलांचल में भूमिगत खनन, पुरानी खदानों और कई स्थानों पर भूमिगत आग के कारण भू-धंसान की घटनाएं लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। बारिश के दौरान जमीन के भीतर पानी जाने से पहले से कमजोर इलाकों में जमीन धंसने और गोफ बनने का खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में भी कोयलांचल के अलग-अलग इलाकों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। उनका आरोप है कि बार-बार घटनाएं होने के बावजूद स्थायी पुनर्वास और सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
राहत और जांच का काम जारी
घटना के बाद प्रशासन और बीसीसीएल की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और अस्थायी आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है।
पुलिस ने भी घटना की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में भू-धंसान का खतरा पहले से मौजूद था, वहां रह रहे परिवारों की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए पहले से क्या कदम उठाए गए थे।

















