JPSC-JSSC विवाद पर BJP का हल्लाबोल आज से, 6 जिलों में DC-SP कार्यालयों का घेराव

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का चार दिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन मंगलवार, 8 सितंबर से शुरू हो रहा है। भाजपा ने आंदोलन को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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आंदोलन के पहले दिन रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा में जिला प्रशासन के कार्यालयों का घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता अलग-अलग जिलों में आंदोलन की अगुवाई करेंगे। रांची में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, दुमका में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, हजारीबाग में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, जमशेदपुर में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और गढ़वा में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ प्रदर्शन में शामिल होंगे। भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी जिलों में वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
भाजपा का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाना चाहिए। पार्टी ने कथित अनियमितताओं के दोषियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। पार्टी ने सरकार को छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया था। भाजपा का कहना है कि निर्धारित समय सीमा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद राज्यव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया।

JPSC और JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र संगठनों की ओर से भी लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। अगस्त में छात्रों का विरोध प्रदर्शन करीब 26 दिनों तक चला था। इसके बाद सरकार की ओर से कुछ भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए जाने के बाद छात्र आंदोलन समाप्त हुआ था।
भाजपा के आंदोलन को देखते हुए पहले चरण में छह जिलों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासनिक कार्यालयों के आसपास पुलिस बल की तैनाती और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं। रांची समेत प्रमुख जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में है। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के मुद्दे, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और मुकदमों की वापसी की मांग को लेकर उसका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे जारी रहेगा।















