आदिवासी महोत्सव के मंच से युवाओं को CM हेमंत सोरेन का संदेश, बोले- ‘न्याय मिलेगा, लेकिन संवाद से होगा समाधान’

नवीन कुमार
रांची: आदिवासी महोत्सव-2026 के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं और राज्य में चल रहे छात्र आंदोलनों को लेकर बड़ा संदेश दिया। मोरहाबादी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर सरकार संवेदनशील है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं को न्याय मिलेगा और अगर व्यवस्था में किसी स्तर पर गलती हुई है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आंदोलन के बजाय संवाद का रास्ता अपनाने की अपील करते हुए कहा कि हर समस्या का समाधान बातचीत से निकलता है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार सिर्फ आंदोलन के जरिए अपनी बात रखने वाले युवाओं की ही नहीं, बल्कि घर बैठे नौजवानों की बात भी सुनने के लिए तैयार है।

‘युवाओं को न्याय मिलेगा, गलती करने वालों को सजा भी’
हेमंत सोरेन ने कहा कि आज राज्य में आदिवासी दिवस के साथ-साथ नौजवान अपने अधिकारों को लेकर आंदोलन और धरने पर बैठे हैं। सरकार उनकी बातों को खुले तौर पर सुन रही है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को न्याय मिलेगा। यदि किसी स्तर पर गलती हुई है तो गलती करने वालों को कठोर से कठोर दंड भी मिलेगा।

‘हर समस्या का समाधान संवाद से होता है, लाठी-डंडे से नहीं’
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह उनकी भावनाओं को समझते हैं। उन्होंने कहा कि वह बूढ़े नहीं हुए हैं और युवाओं की भावनाओं को समझने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान संवाद से होता है, लाठी, गोली और डंडे से नहीं। लाठी-गोली का इस्तेमाल देश के लोगों के साथ नहीं, बल्कि दुश्मनों के खिलाफ सीमा पर होना चाहिए।

‘युवाओं को दिग्भ्रमित करने का काम हो रहा’
हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि युवाओं को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग युवा पीढ़ी को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को किसी राजनीतिक छत्रछाया की जरूरत नहीं है। उनका अधिकार और उन्हें न्याय दिलाने की जिम्मेदारी सरकार की है और सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी करेगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक चश्मे से देखने की जरूरत नहीं है। सरकार हर पक्ष की बात सुनने को तैयार है।

‘सरकार की गतिविधियों की वजह से आंदोलन कर पा रहे हैं’
मुख्यमंत्री ने छात्र आंदोलन के संदर्भ में सरकार के कामकाज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज नौजवान अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा पा रहे हैं, क्योंकि सरकार ने व्यवस्था में हो रही गड़बड़ियों को पकड़ने का काम किया है।
उन्होंने संकेत दिया कि सरकार व्यवस्था में हुई गलतियों को लेकर कार्रवाई कर रही है और आगे भी दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

युवाओं से बोले CM- ‘स्पष्ट और निर्भीक होकर सरकार के पास आएं’
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को लेकर स्पष्ट और निर्भीक होकर सरकार के पास आएं। उन्होंने कहा कि अपनी बात रखने के लिए केवल आंदोलन ही रास्ता नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की बात सुनने के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर घर बैठे नौजवानों की बात भी सुनी जाएगी।
संविधान और समान अधिकार का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान देश के हर व्यक्ति को समान अधिकार देता है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के 75 साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद समाज के सभी वर्ग बराबरी की स्थिति में नहीं पहुंच पाए हैं। आर्थिक असमानता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अमीर और अमीर तथा गरीब और गरीब होते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति से समाज में तनाव बढ़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार उनके साथ है और उनके अधिकार एवं न्याय से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद के जरिए किया जाएगा।





















