खनिज विधेयक के विरोध में JMM का आंदोलन तेज, चतरा में आर्थिक नाकेबंदी; 20 अगस्त को विस्तारित केंद्रीय समिति की बैठक

रांची: केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपना आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। एक तरफ पार्टी ने चतरा जिले में 14 अगस्त से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर 20 अगस्त को रांची में JMM की विस्तारित केंद्रीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में केंद्र सरकार के विधेयक के खिलाफ आंदोलन की आगे की रणनीति पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

चतरा में 14 अगस्त से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी
JMM चतरा जिला अध्यक्ष निलेश ज्ञासेन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, जिले में 14 अगस्त से सभी खनिज पदार्थों के उत्खनन और ट्रांसपोर्टेशन को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। पार्टी ने इसे आर्थिक नाकेबंदी के रूप में घोषित किया है।
जिला अध्यक्ष ने जिला समिति, प्रखंड एवं नगर समितियों के पदाधिकारियों तथा विभिन्न वर्ग संगठनों के कार्यकर्ताओं से आंदोलन को एकजुट और अनुशासित तरीके से सफल बनाने की अपील की है।
पार्टी की ओर से चतरा जिले में रहने वाले केंद्रीय समिति के सदस्यों से भी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करने और इसे मजबूत बनाने का आह्वान किया गया है।
20 अगस्त को रांची में JMM की बड़ी बैठक
इसी बीच JMM ने 20 अगस्त 2026, गुरुवार को रांची के हरमू स्थित सोहराय भवन में केंद्रीय समिति की एक दिवसीय विस्तारित बैठक बुलाई है। बैठक सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी।
बैठक में केंद्रीय समिति के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य, सभी जिलाध्यक्ष, जिला सचिव, जिला संयोजक प्रमुख, महानगर अध्यक्ष और महानगर सचिव शामिल होंगे। पार्टी ने संबंधित पदाधिकारियों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

केंद्र के विधेयक के खिलाफ रणनीति पर होगा मंथन
बैठक के एजेंडे में सबसे प्रमुख मुद्दा केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए कथित झारखंड विरोधी विधेयक से उत्पन्न वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति है। इस मुद्दे पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद पार्टी आगे की रणनीति तय करेगी।
इसके अलावा बूथ स्तर से जिला स्तर तक संगठन के पुनर्गठन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की जाएगी। संगठन की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा के बाद आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। अन्य विषयों पर पार्टी अध्यक्ष की अनुमति से चर्चा होगी।
आर्थिक नाकेबंदी से लेकर संगठनात्मक लामबंदी तक
JMM के ताजा कदमों से संकेत मिल रहा है कि पार्टी खनिज और खनन से जुड़े मुद्दे को व्यापक राजनीतिक आंदोलन में बदलने की तैयारी में है। चतरा में आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा को इसी रणनीति की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
वहीं, 20 अगस्त की विस्तारित केंद्रीय समिति की बैठक में जिला और महानगर स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों को शामिल किया जाना भी महत्वपूर्ण है। इससे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से आंदोलन को बूथ और पंचायत स्तर तक ले जाने की रणनीति तैयार किए जाने की संभावना है।
झारखंड में खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों का मुद्दा पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है। ऐसे में JMM की आर्थिक नाकेबंदी और प्रस्तावित केंद्रीय समिति की बैठक के बाद आंदोलन का स्वरूप और व्यापक होने के संकेत मिल रहे हैं।
20 अगस्त की बैठक पर रहेगी नजर
अब निगाहें 20 अगस्त को होने वाली JMM की विस्तारित केंद्रीय समिति की बैठक पर हैं। बैठक में यदि राज्यव्यापी आंदोलन, आर्थिक नाकेबंदी के विस्तार या संगठन के स्तर पर व्यापक कार्यक्रमों का निर्णय लिया जाता है, तो केंद्र के खनिज विधेयक के खिलाफ झारखंड में राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।
















