CID

JPSC -JSSC विवाद : पैसे देकर परीक्षा पास करने वालों पर CID की कार्रवाई तेज, अभय तिवारी के भाई और पत्नी गिरफ्तार

रांची। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच सीआईडी ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने कथित परीक्षा घोटाले के आरोपी अभय कुमार तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और पत्नी सुष्मिता तिवारी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर गलत तरीके से परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सीआईडी के अनुसार, दोनों की गिरफ्तारी गिरिडीह स्थित उनके आवास से की गई। पूछताछ के बाद उन्हें सीआईडी मुख्यालय लाया गया और न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में होटवार जेल भेज दिया गया।

RKDF
advertisement

JSSC CGL पास कर सरकारी विभाग में कर रहे थे नौकरी

जांच के मुताबिक अक्षय तिवारी ने JSSC CGL परीक्षा पास की थी और वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत था। इसके अलावा उसने 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा में भी सफलता हासिल की थी।

वहीं, अभय तिवारी की पत्नी सुष्मिता तिवारी ने भी JSSC CGL परीक्षा पास की थी और वित्त विभाग में कार्यरत थी। सीआईडी अब दोनों की परीक्षा में सफलता और उससे जुड़े दस्तावेजों व अन्य तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

अभय तिवारी पर रिश्तेदारों और अन्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने का आरोप

जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार TDPL के मार्केटिंग मैनेजर रहे अभय कुमार तिवारी पर अपनी कथित पहुंच और संपर्कों का इस्तेमाल कर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने का आरोप है।

जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कथित तौर पर परीक्षा में अनुचित तरीके से सफलता हासिल करने वालों का अभय तिवारी से क्या संबंध था और परीक्षा प्रक्रिया में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई।

Kashmir vastaralay
Advertisment

पहले BSO तेजनारायण पंडित की हुई थी गिरफ्तारी

इस मामले में सीआईडी ने इससे पहले पत्थलगड्डा, चतरा के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तेजनारायण पंडित को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी अब अभय तिवारी से जुड़े अन्य रिश्तेदारों और सफल अभ्यर्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

आंदोलन के दौरान सामने आया था रिश्तेदारों का पोस्टर

JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों के आंदोलन में एक पोस्टर सामने आया था। पोस्टर में अभय तिवारी को केंद्र में रखते हुए उसके कथित रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी सफलताओं का उल्लेख किया गया था।

पोस्टर में कई ऐसे लोगों के नाम बताए गए थे, जिनके प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर चयन का दावा किया गया था। इसके बाद सीआईडी ने इन नामों से जुड़े तथ्यों और नियुक्तियों का सत्यापन शुरू किया।

जांच के दौरान अभय तिवारी के रिश्तेदारों में भाई अक्षय तिवारी, सुषमा कुमारी, साला, भाभी, साली, ममेरा भाई उपेंद्र मिश्रा सहित अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें कुछ लोगों के BSO परीक्षा में चयन और रैंक का भी उल्लेख किया गया था।

24 आरोपियों की गिरफ्तारी

सीआईडी की ओर से की जा रही जांच में अब तक कुल 24 आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। जांच एजेंसी परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े दस्तावेजों, अभ्यर्थियों और उनके चयन की प्रक्रिया का सत्यापन कर रही है।

सीआईडी की जांच आगे बढ़ने के साथ ही गलत तरीके से परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोपों से जुड़े अन्य अभ्यर्थियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now