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हॉकी में भी गोल्डन डबल! मलेशिया को 5-1 से हराकर भारत ने रचा इतिहास, पुरुष टीम ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड

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एशियन गेम्स 2026 में महिला टीम के बाद पुरुष हॉकी टीम ने भी दिलाया स्वर्ण पदक, भारत ने पहली बार एक ही एशियन गेम्स में पुरुष और महिला हॉकी का गोल्डन डबल किया, लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट भी पक्का

भारतीय हॉकी के लिए 3 अक्टूबर 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया। एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से करारी शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार पुरुष हॉकी का स्वर्ण जीतने का इतिहास रच दिया। इतना ही नहीं, भारतीय पुरुष टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया।
इससे एक दिन पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीता था। इस तरह पहली बार एक ही एशियन गेम्स में भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर ऐतिहासिक गोल्डन डबल पूरा किया।

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पहली बार लगातार दो एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का गोल्ड

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पिछले एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था। इस बार खिताब बरकरार रखते हुए टीम ने अपनी निरंतरता और दमदार प्रदर्शन का परिचय दिया। इससे पहले भारत ने 1966, 1998, 2014 और 2022 में भी एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीता था। मलेशिया के खिलाफ जीत भारत का पांचवां एशियन गेम्स पुरुष हॉकी स्वर्ण है।
महिला और पुरुष दोनों टीमों की एक साथ स्वर्णिम सफलता ने भारतीय हॉकी के लिए एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इससे पहले भारत कबड्डी और क्रिकेट जैसे खेलों में एशियन गेम्स के पुरुष और महिला वर्ग में स्वर्णिम उपलब्धियां हासिल कर चुका है।

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पहले हाफ में बराबरी, फिर भारत का शानदार पलटवार

गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 11वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार ड्रैग-फ्लिक के जरिए भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई।
हालांकि, मलेशिया ने जल्द ही वापसी की। 14वें मिनट में शेलो सिल्वरियस ने फील्ड गोल दागकर मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद भारतीय टीम ने फिर से आक्रमण तेज किया। 23वें मिनट में जुगराज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को 2-1 से आगे कर दिया।
दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया। 42वें मिनट में उप-कप्तान हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल कर भारत की बढ़त 3-1 कर दी।
इसके बाद 54वें मिनट में शिलानंद लकड़ा ने फील्ड गोल दागकर स्कोर 4-1 कर दिया। मैच के 57वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने अपना दूसरा गोल करते हुए भारत की जीत पर अंतिम मुहर लगा दी। इस तरह भारत ने 5-1 के बड़े अंतर से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

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सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराकर फाइनल में पहुंचा था भारत

फाइनल से पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-3 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। इस रोमांचक जीत ने टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाया और फाइनल में भी खिलाड़ियों ने उसी लय को बरकरार रखा।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का आक्रामक खेल, मिडफील्ड पर नियंत्रण, पेनल्टी कॉर्नर में प्रभावी प्रदर्शन और मजबूत रक्षापंक्ति उसकी सफलता के प्रमुख पहलू रहे।

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लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट पक्का

एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए सीधा क्वालीफिकेशन हासिल कर लिया। इससे भारतीय टीम को आगामी ओलंपिक की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
भारतीय हॉकी के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। ओलंपिक में पदक जीतने के बाद अब एशियन गेम्स में लगातार दो स्वर्ण पदक जीतना टीम की निरंतरता को दर्शाता है।

महिला और पुरुष टीम की सफलता से भारतीय हॉकी को नई पहचान

भारतीय महिला टीम ने 44 साल के लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास बनाया। इसके ठीक अगले दिन पुरुष टीम ने खिताब बरकरार रखकर इस सफलता को और खास बना दिया।
दोनों टीमों की यह उपलब्धि भारतीय हॉकी में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था के महत्व को सामने लाती है। घरेलू प्रतियोगिताओं, पेशेवर लीग, आधुनिक कोचिंग और खेल विज्ञान पर बढ़ते जोर ने भारतीय हॉकी के विकास में अहम भूमिका निभाई है।
एशियन गेम्स 2026 का यह गोल्डन डबल भारतीय हॉकी के लिए सिर्फ दो स्वर्ण पदकों की कहानी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मजबूत होती उपस्थिति का प्रतीक भी है। अब निगाहें लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 पर होंगी, जहां भारतीय पुरुष टीम अपनी सफलता को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी।

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नवीन कुमार

नवीन कुमार

Editor In Chief

नवीन कुमार को पिछले 30 वर्षों से भी अधिक समय से प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव रहा है...इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बड़े पद पर कार्यरत रहे हैं...नक्सल, क्राइम, खेल, राजनीति,बिज्ञान एवं तकनीकी, पर्यावरण के साथ ही समसामयिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर मजबूत पकड़ रही है। खाली समय में उन्हें नई जगहों पर घूमना और फोटोग्राफी करना पसंद है।