After the cancellation of the JSSC CGL recruitment, Chandan shared his story of struggle.

JSSC CGL नियुक्ति रद्द होने के बाद नवनियुक्त कर्मचारियों का प्रदर्शन, चंदन ने सुनाई संघर्ष की कहानी

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After the cancellation of the JSSC CGL recruitment, Chandan shared his story of struggle.

रांची। झारखंड में JSSC CGL के माध्यम से हुई नियुक्तियों को रद्द किए जाने के फैसले के बाद नवनियुक्त कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में कार्यरत नवनियुक्त कर्मचारी सड़क पर उतर आए और सरकार से न्याय की मांग की। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि नियुक्ति पाने के लिए उन्होंने वर्षों तक मेहनत की और लंबी कानूनी प्रक्रिया का सामना किया है।

प्रदर्शन में शामिल नवनियुक्त कर्मचारी चंदन कुमार ने अपने संघर्ष की कहानी साझा करते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति ने उनके सामने भविष्य को लेकर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें जीवन में आगे का रास्ता अंधकारमय नजर आ रहा है।

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चंदन कुमार के अनुसार, वह पिछले आठ वर्षों से केंद्र सरकार की नौकरी कर रहे थे। इसके बावजूद झारखंड में सरकारी नौकरी पाने के अपने लक्ष्य को लेकर वह वर्ष 2013 से लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। वर्ष 2016 में भी उन्होंने एक परीक्षा दी थी, लेकिन बाद में वह परीक्षा रद्द हो गई। इसके बावजूद उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में JSSC CGL परीक्षा में शामिल होने के बाद अभ्यर्थियों को लंबी कानूनी लड़ाई से गुजरना पड़ा। कई वर्षों के इंतजार और अदालती प्रक्रिया के बाद उन्हें नियुक्ति मिली। जनवरी 2026 में उन्होंने झारखंड सरकार के प्रोजेक्ट भवन में नियुक्ति पत्र ग्रहण किया और वहीं अपना कार्यभार संभाला।

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चंदन ने बताया कि झारखंड सरकार की नौकरी मिलने के बाद उन्होंने केंद्र सरकार की करीब आठ साल पुरानी नौकरी छोड़ दी थी। अब नियुक्ति रद्द होने के फैसले से उनके साथ-साथ अन्य नवनियुक्त कर्मचारियों का भविष्य भी अनिश्चित हो गया है।

उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा या नियुक्ति प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लेकिन बिना निष्पक्ष जांच के पूरी नियुक्ति रद्द करना उन अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है, जिन्होंने वर्षों तक मेहनत की और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नौकरी हासिल की।

चंदन कुमार ने सरकार से मांग की कि नवनियुक्त कर्मचारियों को उनका अधिकार और उनका कार्यालय वापस दिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी इस लड़ाई में एकजुट हैं और न्याय मिलने तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

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