108 एम्बुलेंस सेवा में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता का आरोप, बाबूलाल मरांडी ने जांच की मांग की
रांची: झारखंड में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा को लेकर बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर एम्बुलेंस सेवा में कथित वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मरांडी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि राज्य के विभिन्न जिलों में कई एम्बुलेंस महीनों से खराब पड़ी हैं, इसके बावजूद इन वाहनों के लिए सरकार की ओर से निर्धारित राशि का भुगतान संबंधित एजेंसी को किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि यह सरकारी राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला है और इसकी जांच जरूरी है।

80 खराब एम्बुलेंस के भुगतान का आरोप
पत्र के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य में कुल 543 एम्बुलेंस का परिचालन किया जा रहा है। इनमें से 500 एम्बुलेंस के संचालन की जिम्मेदारी 5 फरवरी 2025 से सम्मान फाउंडेशन, पटना को दिए जाने का दावा किया गया है। पत्र में कहा गया है कि इस व्यवस्था में करीब 2200 चालक, टेक्नीशियन और कॉल सेंटर कर्मचारी कार्यरत हैं।
बाबूलाल मरांडी ने दावा किया है कि विभिन्न जिलों में करीब 80 एम्बुलेंस कई-कई महीनों से खराब पड़ी हैं। इसके बावजूद प्रति एम्बुलेंस 93 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से भुगतान किया गया। पत्र में संलग्न सूची के आधार पर उन्होंने 80 खराब एम्बुलेंस के कुल 618 वाहन-माह का उल्लेख करते हुए करीब 5 करोड़ 74 लाख 74 हजार रुपये के भुगतान पर सवाल उठाया है।
मरांडी ने इसे सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का गंभीर मामला बताते हुए पूरे भुगतान की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

PF और ESI की राशि जमा नहीं करने का भी आरोप
बीजेपी नेता ने अपने पत्र में कर्मचारियों के PF और ESI से जुड़े मामले को भी उठाया है। उनका आरोप है कि सम्मान फाउंडेशन द्वारा फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 तक नौ महीने की PF/ESI राशि जमा नहीं की गई, जिसकी अनुमानित राशि करीब 7 करोड़ 12 लाख रुपये बताई गई है।
उन्होंने कहा है कि मामला सीधे तौर पर एम्बुलेंस सेवा में काम करने वाले कर्मचारियों के हितों से जुड़ा है और सरकार को इस पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर भी सवाल
पत्र में कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मरांडी के अनुसार, फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक कर्मचारियों का वेतन लंबित होने की बात सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को लगातार भुगतान का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन उसका अनुपालन नहीं हो रहा है। ओवरटाइम भुगतान सहित कर्मचारियों से जुड़ी अन्य समस्याओं का भी उन्होंने उल्लेख किया है।
एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव से पूरे मामले की शीघ्र उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कथित तौर पर अधिक भुगतान की गई सरकारी राशि की वसूली करने, सम्मान फाउंडेशन को ब्लैकलिस्ट करने तथा अनियमितता में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कर्मचारियों के PF, ESI और वेतन से जुड़े मामलों का समाधान कराने तथा की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराने का भी आग्रह किया है।
















