JPSC: पूर्व मुख्य सचिव समेत पांच आरोपियों की जमानत पर फैसला टला, CID ने सौंपी 1000 पन्नों की केस डायरी
Ranchi: JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्य सचिव एवं JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते, परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, अभय तिवारी, सौरभ सुमन और अरविंद कुमार की जमानत याचिकाओं पर मंगलवार को CID की विशेष अदालत में सुनवाई हुई।
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सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी CID ने अदालत के समक्ष करीब 1000 पन्नों की केस डायरी रखी। इसमें आरोपियों से जुड़े जांच के निष्कर्ष, उनकी कथित भूमिका और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।
केस डायरी अदालत में पेश होने के बाद न्यायालय ने उसमें दर्ज तथ्यों और दस्तावेजों का अवलोकन किया। हालांकि, मंगलवार को जमानत पर कोई अंतिम आदेश नहीं आया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक सप्ताह बाद यानी अगले मंगलवार की तारीख तय की है।

अब अगली सुनवाई में अदालत केस डायरी में उपलब्ध सामग्री और आरोपियों के खिलाफ जांच में सामने आए साक्ष्यों पर विचार करेगी। इसके बाद जमानत याचिकाओं पर आगे की कार्रवाई होगी।

















