गोवंशीय पशु की हत्या कर मांस बेचने के आरोप में दो गिरफ्तार, 40 किलो मांस बरामद

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: बांसजोर ओपी क्षेत्र में गोवंशीय पशु की हत्या कर उसके मांस की बिक्री किए जाने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान करीब 40 किलो संदिग्ध गोवंशीय मांस, करीब 10 किलो चमड़ा और वध में प्रयुक्त कई सामान बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि रेंगारबेड़ा गाड़ा टोली में कुछ लोग गोवंशीय पशु का वध कर मांस की बिक्री कर रहे हैं। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिमडेगा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस निरीक्षक जलडेगा अंचल और बांसजोर ओपी प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने सुबह करीब छह बजे रेंगारबेड़ा गाड़ा टोली स्थित एक घर के पास छापेमारी की।

पुलिस को देखते ही कुछ लोग भागने लगे। टीम ने पीछा कर दो लोगों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जोबा खलखो (48), पिता स्व. सोमा खलखो और सुरेश कुमार टोप्पो (62), पिता स्व. पॉलुस टोप्पो, दोनों निवासी रेंगारबेड़ा गाड़ा टोली, बांसजोर ओपी क्षेत्र, सिमडेगा के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से करीब 40 किलो संदिग्ध गोवंशीय मांस, करीब 10 किलो चमड़ा, लकड़ी का गुटका, लोहे की दो बेड़ी, लोहे का तराजू, करीब एक किलो और आधा किलो के लोहे के बटखरे, लकड़ी के बेत लगा लोहे का टांगी, करीब चार मीटर प्लास्टिक की रस्सी और चार प्लास्टिक बोरों का थैला बरामद किया।

मामले में बांसजोर ओपी कांड संख्या 51/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम, 2005 की धारा 12(1)/12(2) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद मांस की पशु चिकित्सा पदाधिकारी से जांच कराने के बाद उसे नियमानुसार नष्ट कराया गया।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में गोवंशीय पशुओं की तस्करी और अवैध वध के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
















