सर्वेश्वरी समूह का दुबलिया गांव में 435 पौधों का वितरण, ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान के पांचवें चरण में आम, अमरूद, आंवला, जामुन और सागवान समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधे बांटे गए
नवीन कुमार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्री सर्वेश्वरी समूह, शाखा रांची की ओर से रविवार को कांके प्रखंड के दुबलिया गांव में ‘सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान-2026’ के पांचवें चरण का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों के बीच आम, अमरूद, मोहगनी, आंवला, जामुन, कटहल और सागवान समेत विभिन्न प्रजातियों के करीब 435 पौधों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत गांव के शिव मंदिर में आरती-पूजन और दीपदान के साथ हुई। इसके बाद ग्रामीणों के साथ एक लघु गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें श्री सर्वेश्वरी समूह के सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई।
गोष्ठी में वक्ताओं ने पर्यावरण में लगातार हो रहे बदलाव और पेड़ों की कमी से उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर चर्चा की। ग्रामीणों से पौधों को लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करने की अपील की गई। इसके बाद ग्रामीणों के बीच विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण किया गया।

अब तक 1500 पौधों का रोपण और वितरण
श्री सर्वेश्वरी समूह की ओर से बताया गया कि ‘सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान-2026’ के तहत दुबलिया से पहले रांची के हिसरी, गुमला के कोइन्जारा, रांची के हुटरी और खूंटी के सुवारी जल्टंडा में पौधों का रोपण एवं वितरण किया जा चुका है। अभियान के तहत अब तक करीब 1500 पौधों का रोपण और वितरण किया जा चुका है।
समूह के अनुसार, श्री सर्वेश्वरी समूह सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का संचालन करता रहा है। समूह की जनसेवा गतिविधियों का उल्लेख गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने की बात भी संस्था की ओर से कही गई।

ग्रामीणों और सदस्यों की रही सहभागिता
दुबलिया में आयोजित कार्यक्रम के सफल आयोजन में आशुतोष नाथ शाहदेव का विशेष सहयोग रहा। वहीं गांव की ओर से बिमल पहान, सतीश प्रधान, संदीप उरांव, अजय कच्छप और सनीचर उरांव ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम में श्री सर्वेश्वरी समूह, शाखा रांची की ओर से राधेश्याम सिंह, आनंद सिंह, अरुण सिंह, प्रताप आदित्य नाथ शाहदेव, पवन कुमार, अंजनी सिंह, गिरेन्द्र नाथ शाहदेव, सौरभ राज, रोहित सिंह और डॉ. स्वीटी रानी समेत करीब 25 श्रद्धालु-सदस्य शामिल हुए।

















