JPSC पर सुधांशु त्रिवेदी का बड़ा हमला, बोले- ‘झारखंड में पेपर लीक नहीं, पेपर लूट हुआ है’
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर भाजपा के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राज्य सरकार और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि JPSC की जांच प्रक्रिया में सामने आए तथ्य बेहद चौंकाने वाले हैं और इससे परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि Assistant Conservator of Forests (ACF) और Forest Range Officer (FRO) की परीक्षा के प्रश्नपत्रों के साथ स्ट्रॉन्ग रूम में छेड़छाड़ की गई। उनके मुताबिक, स्ट्रॉन्ग रूम को तोड़कर प्रश्नपत्र निकाले गए और उनमें बदलाव किए गए।
उन्होंने इसे सामान्य पेपर लीक से भी गंभीर मामला बताते हुए कहा कि “झारखंड में जो कुछ हुआ, ये पेपर लीक नहीं, बल्कि पेपर लूट है।”

कांग्रेस और INDI गठबंधन पर भी निशाना
भाजपा नेता ने इस पूरे मामले को कांग्रेस और INDI गठबंधन की छात्र हितों से जुड़ी राजनीति से जोड़ते हुए सवाल उठाए। उनका कहना था कि कांग्रेस लगातार छात्रों और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन झारखंड में परीक्षा व्यवस्था की जो तस्वीर सामने आई है, वह उन दावों पर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस परीक्षा व्यवस्था में प्रश्नपत्रों को स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा जाना चाहिए, वहां अगर प्रश्नपत्रों तक अनधिकृत तरीके से पहुंचने और उनमें बदलाव की स्थिति बनती है, तो यह पूरी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए गंभीर खतरा है।

क्या है ACF और Forest Range Officer परीक्षा का मामला?
ACF और Forest Range Officer राज्य वन सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण पद हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए JPSC परीक्षा आयोजित करता है। ऐसे में प्रश्नपत्र की सुरक्षा और परीक्षा की निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
सुधांशु त्रिवेदी के बयान के अनुसार, जांच में कथित तौर पर यह बात सामने आई कि प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम में सेंध लगाकर उन्हें बाहर निकाला गया और उनमें बदलाव किया गया। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट और आधिकारिक निष्कर्ष को भी सामने रखना जरूरी होगा।
‘छात्रों की मेहनत के साथ खिलवाड़’
भाजपा नेता ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं। परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर उन छात्रों पर पड़ता है, जिन्होंने पूरी ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी की है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था ही सवालों के घेरे में आ जाए तो छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कैसे कायम रहेगा।
JPSC की परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर सुधांशु त्रिवेदी के बयान ने झारखंड की परीक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है।

















