Demand for CBI probe into recruitment exam scam; BJP raises questions about the role of senior officials.

भर्ती परीक्षा घोटाले की सीबीआई जांच की मांग, भाजपा ने बड़े अधिकारियों की भूमिका पर उठाए सवाल

Demand for CBI probe into recruitment exam scam; BJP raises questions about the role of senior officials.
Demand for CBI probe into recruitment exam scam; BJP raises questions about the role of senior officials.

रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि जांच में सामने आ रहे तथ्य किसी एक परीक्षा या कुछ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक बड़े और संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।

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मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि जेपीएससी की एसीएफ-एफआरओ परीक्षा में जांच के दौरान बेहद गंभीर तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों के बयानों के अनुसार स्ट्रॉन्ग रूम से करीब 30 उत्तर पुस्तिकाएं बाहर निकालकर लिखवाई गईं और बाद में उन्हें वापस जमा कराया गया। करीब 40 उत्तर पुस्तिकाओं में पीडीएफ एडिटर के माध्यम से बदलाव किए जाने की बात भी सामने आई है। उन्होंने दावा किया कि करीब 100 अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से सफल कराने के लिए करोड़ों रुपये की वसूली और करीब 1.20 करोड़ रुपये के नकद लेन-देन का उल्लेख जांच में हुआ है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि खाली ओएमआर शीट भरने के लिए बाहरी लोगों को बुलाने, परीक्षा के प्रश्नों को केंद्र से बाहर ले जाने और विशेषज्ञों से उत्तर लिखवाने जैसे आरोप सामने आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि स्ट्रॉन्ग रूम जैसी सुरक्षित व्यवस्था से उत्तर पुस्तिकाएं बाहर कैसे निकलीं और उन्हें वापस जमा कराने की अनुमति किस स्तर से मिली। उन्होंने कहा कि यदि जांच में सामने आए तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह परीक्षा प्रक्रिया के कई स्तरों पर प्रभाव डालने वाले संगठित नेटवर्क का मामला है। ऐसे में जांच को केवल गिरफ्तार आरोपियों या बिचौलियों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।

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मृत्युंजय शर्मा ने जेएसएससी-सीजीएल मामले में पिछली सीआईडी जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहली जांच में 150 में से 120 प्रश्नों के उत्तर पहले से बाहर पहुंचने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद बाद की जांच में मामले को अलग तरीके से प्रस्तुत किया गया और गंभीर प्रश्नपत्र लीक से इनकार किया गया। उन्होंने सवाल किया कि पहली जांच के निष्कर्षों को क्यों दबाया गया और जांच की दिशा किसके प्रभाव में बदली गई। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस पूरे मामले में परीक्षा एजेंसियों की नियुक्ति, प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा, मूल्यांकन, सॉफ्टवेयर और परिणाम तैयार करने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच जरूरी है।

मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि भर्ती परीक्षा घोटाले की जांच केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पिछले वर्षों में हुई जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। भाजपा की मांग है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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