Exclusive : दुमका में बकरी पालन के नाम पर 1.37 करोड़ की ठगी का आरोप, प्रोफेसर समेत 7 लोगों के नाम FIR में
दुमका: झारखंड की उपराजधानी दुमका में बकरी पालन के नाम पर निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा देने के कथित मामले ने कई लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। आरोप है कि RWA (रियल वर्ल्ड एसेट्स) नाम की कंपनी के जरिए लोगों से निवेश कराया गया। निवेशकों को मोबाइल ऐप पर रोजाना 0.5 से 0.75 प्रतिशत तक रिटर्न दिखाए जाने की बात सामने आई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मामले में करीब 1.37 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने सात लोगों को नामजद किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े थे और कुल कितनी रकम का लेन-देन हुआ।

बकरी फार्म दिखाकर निवेश का भरोसा देने का आरोप
शिकायत और पीड़ितों के आरोप के अनुसार, लोगों को बकरी पालन के कारोबार में पैसा लगाने के लिए कहा गया। इसके लिए मसलिया में एक फार्म हाउस भी दिखाया गया। लोगों को बताया गया कि उनका पैसा बकरी पालन के कारोबार में लगाया जाएगा और इसके बदले उन्हें अच्छा रिटर्न मिलेगा।
शुरुआत में मोबाइल ऐप पर निवेश की रकम और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई दिया। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और कई लोगों ने और पैसे लगाए।
बाद में निवेशकों को रकम निकालने में परेशानी होने लगी। मोबाइल ऐप पर ट्रांजैक्शन में दिक्कत आने लगी और धीरे-धीरे लोगों को अपने पैसे वापस मिलने बंद हो गए।

प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू ने खुद को बताया पीड़ित
इस मामले में यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर और नेत्री डॉ. अंजुला मुर्मू का नाम भी सामने आया है। हालांकि डॉ. मुर्मू ने आरोपों से इनकार किया है।
उनका कहना है कि वह खुद इस मामले में पीड़ित हैं और उनका कंपनी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी।
दूसरी ओर, मामले में नामजद सुष्मिता सोरेन समेत कुछ लोगों का आरोप है कि उन्होंने डॉ. अंजुला मुर्मू के कहने पर निवेश किया था। उनका कहना है कि उन्हें फार्म हाउस दिखाया गया और निवेश के लिए भरोसा दिलाया गया।
इस तरह मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
1.37 करोड़ रुपये की शिकायत, सात लोग नामजद
पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की शिकायत मिली है। कुल रकम करीब 1.37 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
दुमका एसपी पीताम्बर सिंह खेरवार ने बताया कि बकरी पालन के नाम पर RWA नाम की कंपनी के जरिए ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इस कथित निवेश योजना से कुल कितने लोग जुड़े थे।
पुलिस कंपनी और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही निवेशकों से ली गई रकम और उसके लेन-देन की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
कैसे काम करती थी यह कथित निवेश योजना?
अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार इसका तरीका कुछ इस तरह बताया जा रहा है—
निवेश का ऑफर → बकरी फार्म दिखाना → मोबाइल ऐप पर मुनाफा दिखना → निवेशकों का भरोसा बढ़ना → ज्यादा रकम लगाना → पैसे निकालने में परेशानी → ऐप पर एरर और रकम फंसना।
हालांकि इस पूरे नेटवर्क का वास्तविक संचालन कैसे होता था और इसमें किसकी क्या भूमिका थी, यह पुलिस जांच का विषय है।
अब सबसे बड़ा सवाल क्या है?
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। RWA कंपनी का वास्तविक मालिक और संचालक कौन था? कंपनी के नाम पर कितने लोगों से पैसा लिया गया? पैसा कहां गया? फार्म हाउस और बकरी पालन का कारोबार वास्तव में कितना था? और इस पूरी व्यवस्था में किस-किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी?
इन सवालों के जवाब जांच और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के बाद सामने आने की उम्मीद है।

















