1.33 lakh cases settled at Chaibasa National Lok Adalat

चाईबासा राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.33 लाख मामलों का निपटारा, 39.51 करोड़ रुपये का समायोजन

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चाईबासा /अश्विन पांडे 

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को कुल 1,33,235 मामलों का निष्पादन किया गया। इस दौरान विभिन्न मामलों में कुल 39 करोड़ 51 लाख 44 हजार 62 रुपये का समायोजन हुआ। चाईबासा व्यवहार न्यायालय और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में बड़ी संख्या में प्री-लिटिगेशन और लंबित मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निपटारा किया गया।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने धनबाद से आभासी माध्यम से किया।

चाईबासा सिविल कोर्ट परिसर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम के अध्यक्ष मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में 11 न्यायपीठों का गठन किया गया। वहीं चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में तीन न्यायपीठों के माध्यम से मामलों का निष्पादन किया गया।

1.29 लाख से अधिक प्री-लिटिगेशन मामले निपटे

लोक अदालत में 1,29,777 प्री-लिटिगेशन मामलों का निष्पादन हुआ। इनमें सबसे अधिक 1,28,108 राजस्व मामलों का निपटारा किया गया। इसके अलावा बैंक से जुड़े 609, यातायात चालान के 102, बीएसएनएल के 10, स्थायी लोक अदालत के 943 और उपभोक्ता न्यायालय से संबंधित पांच मामलों का भी समाधान हुआ।

विभिन्न न्यायालयों में लंबित 3,458 मामलों का भी निष्पादन किया गया। इनमें 2,934 आपराधिक शमनीय मामले, बिजली विभाग से जुड़े 84, राजस्व के 400, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 14, कुटुंब न्यायालय के नौ और परक्राम्य लिखत अधिनियम से संबंधित 17 मामले शामिल हैं।

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वर्षों से अलग रह रहे दंपती फिर साथ रहने को राजी

लोक अदालत के दौरान कुटुंब न्यायालय से जुड़े एक मामले में मध्यस्थता के जरिए वर्षों से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच समझौता कराया गया। दोनों पक्षों ने पुराने विवादों को भुलाकर फिर से साथ रहने पर सहमति जताई। प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर प्रत्येक तीन महीने में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाती है। इसमें सुलहनीय मामलों से जुड़े पक्षकार आवेदन देकर आपसी सहमति के आधार पर विवाद का निपटारा करा सकते हैं।

पांच उपभोक्ता मामलों में 12.57 लाख रुपये का समझौता

पश्चिमी सिंहभूम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, चाईबासा में भी राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान पांच उपभोक्ता मामलों का निपटारा किया गया। आयोग के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह की मौजूदगी में बेंच संख्या 11 में दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामलों का समाधान कराया गया।

इन पांच मामलों में कुल 12 लाख 57 हजार 800 रुपये की राशि पर समझौता हुआ। इनमें श्रीराम बोडरा बनाम रैमसन मोटर्स, दुबर हॉनगा बनाम भारतीय स्टेट बैंक घोराबांधा, प्रत्यूष दत्ता बनाम कैनन इंडिया कार्यालय एवं मास्टर सर्विस, राहुल सरिमा बनाम चोलामंडलम जनरल इंश्योरेंस और सोना राम टुबिड बनाम भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से जुड़े मामले शामिल थे।

आयोग के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने कहा कि आपसी सहमति से विवादों का त्वरित समाधान उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया, समय और खर्च से राहत मिलती है।

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