रांची में अपराधियों की प्रोफाइलिंग और गैंग मैपिंग होगी, संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी कड़ी नजर

रांची: अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रांची पुलिस ने अब प्रिवेंटिव पुलिसिंग पर जोर देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर अपराधियों की प्रोफाइलिंग, गैंग मैपिंग और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण, एएसपी कोतवाली, सभी डीएसपी और थाना प्रभारी शामिल हुए।

बैठक में अधिकारियों को अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और संभावित अपराध की पहले ही पहचान कर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पुलिस अपराधियों की प्रोफाइलिंग मुख्य रूप से दो श्रेणियों में करेगी।

पिछले 10 से 15 वर्षों के दौरान अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे ऐसे अपराधियों और गैंग को चिह्नित किया जाएगा, जो फिलहाल सक्रिय नहीं हैं, लेकिन भविष्य में दोबारा आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। ऐसे लोगों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों का समय-समय पर सत्यापन और निगरानी की जाएगी।

इसके अलावा वर्तमान में सक्रिय अपराधियों और गंभीर एवं संगठित अपराध से जुड़े लोगों की भी विस्तृत प्रोफाइल तैयार होगी। इसमें रंगदारी, हत्या, मारपीट, मादक पदार्थों का कारोबार, छेड़खानी, भू-माफिया, अवैध शराब, चोरी, जुआ-मटका सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को चिह्नित किया जाएगा। पुलिस ऐसे युवा और समूहों को भी चिह्नित करेगी, जिनकी गतिविधियों से कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता उत्पन्न हो रही है या जिनमें आपराधिक प्रवृत्ति विकसित होने के संकेत मिल रहे हैं।

हुड़दंगई, दबंगई, मारपीट, छेड़खानी, बाइकर्स गैंग की गतिविधियां, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों के आसपास युवतियों से अभद्र व्यवहार तथा आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट या एडिटेड वीडियो बनाने और प्रसारित करने जैसी गतिविधियों में शामिल युवाओं की भी पहचान की जाएगी।

ऐसे लोगों की जानकारी संबंधित थाना के Bad Character Register (BCR) के संदर्भ में व्यवस्थित रूप से संधारित की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार उनका सत्यापन और निगरानी की जाएगी। पुलिस कानूनसम्मत प्रक्रिया के तहत सोशल मीडिया प्रोफाइल और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध गतिविधियों पर भी नजर रखेगी।

वरीय पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण केवल घटना होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। संभावित अपराध और आपराधिक गतिविधियों की पहले से पहचान कर प्रिवेंटिव पुलिसिंग को प्रभावी बनाया जाए।

चिह्नित अपराधियों की प्रोफाइल को नियमित रूप से अपडेट और सत्यापित करने तथा किसी भी संभावित आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिया गया है।
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