Exhibition held at Shaheed Telanga Khadiya Park on World Ozone Day; DC states that a plant-based lifestyle will aid in ozone conservation.

विश्व ओजोन दिवस पर शहीद तेलंगा खड़िया पार्क में लगी प्रदर्शनी, डीसी बोले- वनस्पति आधारित जीवनशैली से होगा ओजोन संरक्षण

Exhibition held at Shaheed Telanga Khadiya Park on World Ozone Day; DC states that a plant-based lifestyle will aid in ozone conservation.
Exhibition held at Shaheed Telanga Khadiya Park on World Ozone Day; DC states that a plant-based lifestyle will aid in ozone conservation.

निर्मल सिंह 

गुमला: विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर बुधवार को बाईपास रोड स्थित शहीद तेलंगा खड़िया जैव विविधता पार्क में सत्य हर्बल सॉल्यूशन, पालकोट रोड गुमला की ओर से विशेष कार्यक्रम और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘कुलर प्लानर’ रखी गई। इसका उद्घाटन उपायुक्त दिलेश्वर महतो और वन प्रमंडल पदाधिकारी अहमद बेलाल अनवर ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।

RKDF
advertisement

उद्घाटन के बाद दोनों अधिकारियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान सत्य हर्बल सॉल्यूशन के निदेशक प्रो. सत्यनारायण सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए ओजोन परत के संरक्षण में पेड़-पौधों और वनस्पतियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ओजोन परत पृथ्वी का सुरक्षा कवच है, जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से जीव-जगत की रक्षा करती है। इसके क्षरण से त्वचा कैंसर, आंखों से जुड़ी बीमारियों और पर्यावरणीय असंतुलन का खतरा बढ़ सकता है।

Advertisment
Advertisment

प्रो. सिंह ने नक्षत्र वाटिका की परिकल्पना की जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में 27 नक्षत्र, 12 राशियों और नवग्रहों के आधार पर विभिन्न पेड़-पौधों का उल्लेख मिलता है। इन वनस्पतियों के संरक्षण से पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वनस्पतियों में औषधीय गुणों का बड़ा भंडार है, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इसका पर्याप्त लाभ नहीं उठा पाते हैं।

Advertisment
Advertisment

प्रदर्शनी में हर्बल औषधीय अर्क, जूस और दर्द निवारक तेल सहित विभिन्न वनस्पति आधारित उत्पादों की जानकारी दी गई। आयोजकों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता और सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया।

Advertisment
Advertisment

उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वनस्पति आधारित जीवनशैली को बढ़ावा देना ओजोन परत और पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम हो सकता है।

Advertisment
Advertisment

गौरतलब है कि विश्व ओजोन दिवस हर वर्ष 16 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन ओजोन परत के संरक्षण के लिए 1987 में हुए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर की स्मृति में मनाया जाता है। वर्ष 2026 की अंतरराष्ट्रीय थीम “मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल से जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाना” है। इसका उद्देश्य ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों, विशेषकर क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) के उपयोग को नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

Advertisment
Advertisment

कार्यक्रम में वनरक्षी राकेश कुमार मिश्रा, प्रवीण तिर्की, अभय कुमार, तेतरू सिंह समेत बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now

Drishti Now

वरिष्ठ संवाददाता

झारखंड की राजनीति, प्रशासन और स्थानीय खबरों पर लंबे समय से रिपोर्टिंग कर रहे हैं।