जिलिंगा ग्राम सभा में जमीन के अधिकारों पर मंथन, रिकॉर्ड स्पष्ट होने तक बाउंड्री पर रोक की मांग

सिमडेगा: ठेठईटांगर प्रखंड के ताराबोगा पंचायत अंतर्गत जिलिंगा गांव में शुक्रवार को आयोजित ग्राम सभा में भूमि एवं ग्रामीण अधिकारों से जुड़े विभिन्न मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। बकाश्त जमीन, जीराज रैयत से संबंधित खाता वाली जमीन, राजा भूमि की जमाबंदी, पट्टा, रसीद-मालगुजारी तथा जिलिंगा मौजा की गैरमजरूआ जमीन समेत कई मुद्दे बैठक में उठाए गए।

ग्राम सभा में ग्रामीणों ने कुछ लोगों द्वारा स्वयं को ‘राजा का आदमी’ बताते हुए जमीन पर बाउंड्री वॉल किए जाने की बात कहे जाने पर चिंता जताई। ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित जमीन पर उनके पूर्वजों के समय से खेती होती रही है और कई परिवार पीढ़ियों से वहां कब्जा-दखल एवं कृषि उपयोग करते आ रहे हैं। ऐसे में अचानक जमीन पर अधिकार का दावा किए जाने से गांव में असमंजस की स्थिति बन रही है।

ग्रामीणों ने मांग की कि किसी भी जमीन पर अधिकार जताने या बाउंड्री वॉल करने से पहले संबंधित खाता, प्लॉट, जमाबंदी, पट्टा, रसीद-मालगुजारी और अन्य राजस्व अभिलेखों की जांच की जाए। उनका कहना था कि जमीन की वास्तविक स्थिति सरकारी रिकॉर्ड एवं उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।

ग्राम सभा में आजादी से पहले की जमींदारी व्यवस्था और उस समय भूमि के उपयोग एवं लगान व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने कहा कि कई जमीनों पर लंबे समय से स्थानीय परिवार खेती करते रहे हैं। ऐसे मामलों में पुराने दस्तावेजों और वर्तमान राजस्व अभिलेखों का मिलान कर भूमि की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि बकाश्त, रैयती, राजा भूमि अथवा गैरमजरूआ जमीन से जुड़े मामलों में अभिलेखों की जांच किए बिना किसी भी पक्ष के दावे को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।

ग्राम सभा में मौजूद भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष अमृत चिराग तिर्की ने कहा कि जमीन से जुड़े किसी भी मामले में सबसे पहले राजस्व रिकॉर्ड और दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति या समूह जमीन पर अपना अधिकार बता रहा है और बाउंड्री वॉल करने की बात कर रहा है, तो पहले संबंधित भूमि के सरकारी रिकॉर्ड की जांच होनी चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने पास मौजूद पुरानी रसीद, पट्टा, खाता-प्लॉट, जमाबंदी और अन्य भूमि संबंधी दस्तावेजों को सुरक्षित रखें। जरूरत पड़ने पर संबंधित राजस्व विभाग से प्रमाणित अभिलेख प्राप्त करने की बात भी कही।

ग्राम सभा में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या पक्ष से विवाद करना नहीं, बल्कि भूमि की वास्तविक स्थिति और अधिकार को दस्तावेजों एवं सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट कराना है। बैठक में भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की मांग की गई।

बैठक में गांव के विकास और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। संबंधित मामलों को प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखने पर सहमति बनी। ग्राम सभा में जिला परिषद सदस्य अजय एक्का, ताराबोगा मुखिया बलदेव सिंह, अमित कुल्लू, हेमंत डुंगडुंग, अलेक्सजेंडर टोप्पो, जोसेफ तिर्की, राजेश बरवा, जिलिंगा ग्राम प्रधान, ग्राम सभा के पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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