एसआईआर को लेकर कांग्रेस का चुनाव आयोग पर हमला, पारदर्शिता की मांग

सिमडेगा: जिला कांग्रेस कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुनील सिंह, स्टेट पैनलिस्ट सुनील उरांव और कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने मार्च 2023 के अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली चयन व्यवस्था का उल्लेख किया था। नेताओं के अनुसार, इसके बाद दिसंबर 2023 में संसद से पारित कानून में चयन समिति की संरचना में बदलाव किया गया और मुख्य न्यायाधीश की जगह प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्री को समिति में शामिल किया गया।

कांग्रेस नेताओं ने फरवरी 2025 में ज्ञानेश कुमार की मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को देश के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और मतदाता सूची से जुड़े निर्णयों में जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर के दौरान मतदाताओं के नाम प्रभावित होने और दस्तावेजों से संबंधित प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। उन्होंने फार्म-6 में किए गए बदलावों तथा मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नाम जोड़ने या हटाने से संबंधित प्रक्रिया स्पष्ट नियमों और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर होनी चाहिए। वहीं, निर्वाचन आयोग एसआईआर-2026 को मतदाता सूची के पुनरीक्षण और अद्यतन की प्रक्रिया के रूप में संचालित कर रहा है। आयोग की वेबसाइट पर एसआईआर-2026 से संबंधित मतदाता सूची और मतदाताओं को अपना नाम जांचने की सुविधा उपलब्ध है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को व्यापक अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन मतदाता सूची से जुड़े निर्णयों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मतदाता का वोट लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है और चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखना सभी संबंधित संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है।

प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग को लेकर दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया को लेकर लोगों को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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