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बोकारो के गोमिया में 35 हाथियों के झुंड से दहशत, प्रशासन ने ग्रामीणों को किया सतर्क

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बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड के बड़की पुन्नू क्षेत्र में 35 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए आसपास के ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और वन विभाग सतर्क हो गए हैं। प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों से विशेष सावधानी बरतने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। साथ ही किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करने की हिदायत दी गई है।

इस संबंध में बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा और जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार ने ग्रामीणों से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हाथियों के झुंड के आसपास जाने, उन्हें परेशान करने या उनके करीब पहुंचकर फोटो और वीडियो बनाने की कोशिश खतरनाक साबित हो सकती है।

प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को विशेष रूप से रात के समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से कहा गया है कि अनावश्यक रूप से रात में घर से बाहर न निकलें। यदि किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े, तो आसपास की स्थिति की जानकारी रखें और हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों से दूर रहें।

जंगल से सटे रास्तों पर आवागमन करने से भी बचने की अपील की गई है। हाथियों का झुंड विचरण के दौरान अचानक आबादी वाले इलाकों या रास्तों के आसपास पहुंच सकता है। ऐसे में हाथियों के सामने पड़ने पर खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखें और जोखिम वाले रास्तों से दूरी बनाए रखें।

हाथियों के झुंड को देखने के लिए भीड़ जुटाना या उनके नजदीक जाकर मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाना जानलेवा हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को ऐसी किसी भी गतिविधि से बचने की हिदायत दी है। हाथियों को भगाने, शोर मचाकर उकसाने या उनके रास्ते में बाधा डालने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए।

जिला प्रशासन और वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि हाथियों का झुंड गांव, घरों या आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन या वन विभाग को दें। स्वयं हाथियों को खदेड़ने या उन्हें भगाने की कोशिश करने के बजाय संबंधित अधिकारियों को जानकारी देना अधिक सुरक्षित है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि ग्रामीण सतर्क रहें और किसी भी अफवाह पर भरोसा करने के बजाय जिम्मेदारी से काम लें।

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