जामताड़ा में युवक-युवती की संदिग्ध मौत पर सियासत तेज, बाबूलाल मरांडी ने की CBI जांच की मांग
रेलवे ट्रैक पर मिले रॉकी मंडल और नाजिया खातून के शव; दो साल पहले पंचायत में अलग रहने का हुआ था फैसला, ऑनर किलिंग की आशंका के बीच पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा जिले में अलग-अलग समुदायों से संबंध रखने वाले रॉकी मंडल और नाजिया खातून की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला अब राजनीतिक रूप लेने लगा है। विद्यासागर और मदनकट्टा रेलवे स्टेशन के बीच शनिवार, 24 अक्टूबर की सुबह दोनों के शव रेलवे ट्रैक पर मिले थे। घटना के बाद इलाके में शोक और कई तरह की चर्चाओं का माहौल है। इस बीच झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए ऑनर किलिंग की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। मरांडी का कहना है कि यदि यह मामला ऑनर किलिंग का निकलता है, तो यह केवल दो लोगों की मौत नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवीय अधिकारों पर गंभीर हमला होगा।
रेलवे ट्रैक पर मिले दोनों के शव
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार सुबह रेलवे के पेट्रोलिंग कर्मियों ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र में विद्यासागर और मदनकट्टा रेलवे स्टेशनों के बीच डाउन रेलवे लाइन पर युवक और युवती के शव देखे। दोनों शव रेलवे पोल संख्या 271/4 और 271/6 के आसपास मिलने की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतकों की पहचान रिंगेचिंगो गांव निवासी रॉकी मंडल और नाजिया खातून के रूप में हुई। घटनास्थल के पास एक अपाचे मोटरसाइकिल खड़ी मिली थी। रिपोर्टों के मुताबिक, बाइक के पंजीकरण नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता लगाकर परिजनों तक सूचना पहुंचाई गई।घटनास्थल से मोबाइल फोन, जूते-चप्पल और एक सोने का लॉकेट मिलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दो साल पहले पंचायत में अलग रहने का हुआ था फैसला
इस मामले में ग्रामीणों के हवाले से सामने आई जानकारी कई सवाल खड़े करती है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रॉकी मंडल और नाजिया खातून के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध होने की बात कही जा रही है। दोनों अलग-अलग समुदायों से थे। बताया जाता है कि करीब दो वर्ष पहले उनके संबंधों को लेकर गांव में पंचायत हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत में दोनों को अलग रहने का फैसला सुनाया गया था और युवक के पक्ष पर जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बाद नाजिया के परिजनों ने करीब एक वर्ष पहले उसकी शादी दूसरी जगह कर दी थी। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि शादी के बाद भी उसका मायके आना-जाना जारी था और दोनों के बीच संपर्क बना हुआ था। हालांकि दृष्टि नाउ इन दावों की पुष्टि नही करता है। पंचायत में क्या निर्णय हुआ था, उसमें कौन-कौन शामिल था और उसका इस घटना से कोई संबंध है या नहीं, यह जांच का विषय है।
मंदिर में शादी की चर्चा, लेकिन मौत की वजह स्पष्ट नहीं
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि रॉकी और नाजिया ने घटना से एक दिन पहले, शुक्रवार शाम को गांव के पास स्थित दुर्गा मंदिर में शादी की थी। हालांकि, इस कथित शादी की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। इसी तरह, दोनों की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई या इसके पीछे कोई दूसरी परिस्थिति थी, यह भी अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए घटना को आत्महत्या, हत्या या ऑनर किलिंग करार देना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
जानकारी के अनुसार, युवक की उम्र 20 वर्ष और युवती की उम्र 17 वर्ष बताई गई है।
बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल, CBI जांच की मांग
घटना को गंभीर बताते हुए बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला ऑनर किलिंग का प्रतीत होता है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।उन्होंने जामताड़ा पुलिस से घटनास्थल की गहन जांच करने के साथ तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल करने की मांग की। उनका कहना है कि जांच इस तरह होनी चाहिए कि घटना की सच्चाई सामने आए और यदि कोई दोषी है तो उसे बचने का मौका न मिले।
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से CBI जांच का आदेश देने की अपील भी की। उनका तर्क है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए ऐसी जांच होनी चाहिए, जो किसी भी दबाव या प्रभाव से मुक्त हो और पीड़ितों को न्याय दिलाने में मदद करे।
पुलिस जांच में किन सवालों के जवाब जरूरी?
इस घटना में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिलना बाकी है। दोनों रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचे? क्या दोनों की मौत दुर्घटना में हुई या उन्होंने जानबूझकर ऐसा कदम उठाया? क्या किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका थी? क्या कथित पंचायत, सामाजिक दबाव या पारिवारिक विवाद का घटना से कोई संबंध है?इन सवालों के जवाब के लिए घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच, उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड, संबंधित लोगों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगा सच
जामताड़ा की यह घटना प्रेम संबंधों, सामाजिक दबाव और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
फिलहाल बाबूलाल मरांडी की CBI जांच की मांग के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया है।

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