देवघर में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, 11 आरोपी गिरफ्तार; 12 मोबाइल और 14 सिम बरामद
फ्लिपकार्ट-अमेजन पे, गूगल पे और फोनपे के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर करते थे ठगी, किसान योजना और बिजली बिल के नाम पर भी भेजते थे फर्जी APK फाइल
देवघर: झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाकर 11 कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को ठगने और सरकारी योजनाओं व बिजली बिल के नाम पर संदिग्ध APK फाइल भेजकर साइबर ठगी करने का आरोप है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन और 14 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में बरामद मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपी फ्लिपकार्ट-अमेजन पे, गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और एयरटेल पेमेंट बैंक के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर संदिग्ध APK फाइल भेजकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने का तरीका भी अपनाते थे। ऐसी फाइलें मोबाइल में इंस्टॉल करने पर साइबर अपराधियों को डिवाइस या उससे जुड़ी संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच मिलने का खतरा हो सकता है।
सारठ और पथरड्डा क्षेत्र में हुई छापेमारी
साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर चलाया गया। पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में की गई छापेमारी के दौरान सारठ थाना क्षेत्र और पथरड्डा ओपी क्षेत्र से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड, मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े मामलों की जांच कर रही है। विभिन्न राज्यों में दर्ज शिकायतों के साथ इनकी कड़ियों की पड़ताल भी की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शरीफ अंसारी, रिंकू अंसारी, नूर मोहम्मद अंसारी, नितीश कुमार, राहुल कुमार, निरंजन दास, मिथुन कुमार दास, सूरज कुमार दास, राहुल कुमार, बबलू कुमार और मोहम्मद रियाज के रूप में हुई है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को अनजान नंबरों से भेजी गई APK फाइल इंस्टॉल नहीं करनी चाहिए। किसान सम्मान निधि, बिजली बिल, आरटीओ चालान या किसी बैंकिंग सेवा के नाम पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। किसी भी कस्टमर केयर नंबर की पुष्टि संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से करें और OTP, PIN या बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।

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