फर्जी कस्टमर केयर बनकर साइबर ठगी करने वाले छह गिरफ्तार

देवघर। साइबर ठगी के खिलाफ देवघर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ये लोग अलग-अलग कंपनियों और सरकारी सेवाओं के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। आरोपितों के पास से 12 मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गिरफ्तार आरोपितों की पहचान संजित कुमार दास (21), सरोज कुमार दास (21), नितेश कुमार दास (22), मुन्ना कुमार दास (33), शिवानंद कुमार (21) और अनवर अंसारी (20) के रूप में हुई है। सभी देवघर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले बताए गए हैं।

कैशबैक का लालच देकर करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपित Google Pay, PhonePe और Paytm का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे। कैशबैक या अन्य सहायता का झांसा देकर पीड़ितों से ऐसी जानकारी या प्रक्रिया पूरी कराई जाती थी, जिसके जरिए उनके साथ आर्थिक धोखाधड़ी की जाती थी।
इसके अलावा आरोपित Flipkart और Amazon Pay के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर भी लोगों को निशाना बनाते थे। Google पर उपलब्ध कस्टमर केयर नंबरों का इस्तेमाल कर भी लोगों को फंसाने की बात सामने आई है।

APK फाइल भेजकर मोबाइल तक पहुंच बनाने की कोशिश
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य प्रधानमंत्री किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान जैसे मामलों का हवाला देकर लोगों को APK फाइल भेजते थे। पुलिस के अनुसार, इन फाइलों के जरिए पीड़ितों के मोबाइल तक पहुंच बनाने की कोशिश की जाती थी।
आरोपित Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर भी लोगों से संपर्क करते थे। कार्ड बंद होने की बात कहकर Airtel Thanks ऐप के माध्यम से कार्ड दोबारा चालू कराने के नाम पर भी ठगी किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है।

गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि पथरड्डा ओपी क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोग कस्टमर केयर और विभिन्न सरकारी योजनाओं के नाम पर आम लोगों के साथ साइबर ठगी कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की और छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
दूसरे राज्यों में भी ठगी के संकेत
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों के पास से बरामद मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों की तकनीकी जांच की गई। जांच में इन नंबरों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है।
इससे पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह केवल देवघर तक सीमित नहीं था और दूसरे राज्यों में भी साइबर ठगी की घटनाओं में इसकी भूमिका हो सकती है। मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है।
















