आंगनबाड़ी सेविका गर्भवती महिलाओं का पूरा ध्यान रखें : डीसी

आंगनबाड़ी सेविका गर्भवती महिलाओं का पूरा ध्यान रखें : डीसी

सिमडेगा : उपायुक्ता सुशांत गौरव की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण विभाग समीक्षा बैठक की गई। सीडीपीओ एवं सभी महिला सुपरवाईजर को अपने-अपने क्षेत्र अन्तर्गतजागरूक होकर कार्य करने का निर्देश उपायुक्त सुशांत गौरव ने दिया। भीएचएसएनडी के दिन अधिक से अधिक लोगोें की सहभागिता सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होने कहा कि गर्भवती महिलाओं का एएनसी चेकअप करना अनिर्वाय है। बच्चे के शारीरिक विकास के लिए एएनसी चेकअप जरूरी है। प्रसव पूर्व गर्भवती महिलाओं का चार बार एएनसी जांच किया जाता है। एक भी महिला एएनसी चेकअप से वंचित न रहे, इसे सभी लेडीज सुपरवाईजर सुनिश्चित करायें।

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गर्भवती महिलाओं का प्रतिवेदन तैयार करलें। प्रथम चेकअप के पश्चात् दूसरा, तीसरा एवं चैथा चेकअप का तिथि निर्धारित करलें। तैयार की गई सूची में सभी गर्भवती महिलाओं का नाम, मोबाईल नम्बर अंकित हो। एक चार्ट लेडीज सुपरवाईजर के पास रहेगा साथ हीं दूसरा एमओआईसी, एवं स्वास्थ्य सहिया के पास रहेगा। भी0एच0एस0एन0डी0 कार्यक्रम के दिन उन गर्भवती महिलाओं का नाम पढ़कर बताया जाए कि उक्त तिथि को उनका पहला, दूसरा, तीसरा एवं चौथा एएनसी चेकअप किया जाना है। कम्यूनिटी मोबेलाईजेशन जरूरी है। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक कर एमओआईसी, सीडीपीओ, लेडीज सुपरवाईजर, एएनएम, सेविका, सहायिका, ममता वाहन एवं एम्बुलेंस चालक की बैठक कर गर्भवती महिलाओं का एएनसी चेकअप से संबंधित कार्यवाही अनिर्वाय रूप से सुनिश्चित करायें। शतप्रतिशत संस्थागत प्रसव होना चाहिए। एम्बुलेंस एवं ममता वाहन के चालक का नम्बर सभी लेडीज सुपरवाईजर के साथ-साथ पोषक क्षेत्र के सेविका, सहायिका के पास भी अनिर्वाय रूप से होना चाहिए। निर्धारित तिथि के आस-पास अगर गर्भवती महिला को प्रसव से संबंधित किसी भी प्रकार पीडा़ होने पर तुरन्त एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराना सुनिश्चित करें। ममता वाहन एवं एम्बुलेंस चालक भी यह सुनिश्चित करेंगे कि महिला सुपरवाईजर के द्वारा दिये गए नम्बर से किसी भी समय फोन आता है तो, तुरन्त एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध करायेंगे। लापरवही बरते जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एनिमीया मुक्त सिमडेगा बनाने की दिशा में उन्होने सभी महिला सुरपवाईजर, सेविका, सहायिका, एएनएम के साथ-साथ पोषक क्षेत्र अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं का हिमोग्लोबिन जांच करने की बात कही। भीएचएसएनडी कार्यक्रम के साथ-साथ पोषक क्षेत्र अन्तर्गत एनीमिया क्या है, इसके रोकथाम हेतु कौन सा पोषक आहार का सेवन करना चाहिए, साथ हीं एनीमिया जैसी बिमारी न हो, इसके लिए दैनिक जीवन में क्या करें, इस संबंध में ग्रामीणों के बीच जागरूकता फैलाए जाए। गर्भवती महिलाएं एवं 5 साल तक के बच्चों का वृद्धि चार्ट तैयार कर लें। एनिमीया से संबंधित आंगनबाड़ी सेविका, सहायिक का रेगुलर ट्रेनिंग करायें। सभी लेडीज सुपरवाईजर को अपने-अपने क्षेत्र का प्लान तैयार कर कार्य करने का निर्देश दिया।

सभी पोषक क्षेत्र अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं का गोदभराई एवं बच्चे का अन्नप्राशन कराने का निर्देश दिया। कुपोषित बच्चों को एमटीसी में भर्ती करने की दिशा में उन्होने कहा कि केन्द्र में बेड खाली होने से पूर्व कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर रखें। बेड खाली होने के उपरांत उन्हे तुरन्त एमटीसी में भर्ती करें। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के जितने भी आवेदन प्राप्त हुये है, उनमें किसी भी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो, अविलम्ब त्रुटि का निराकरण/सुधार करते हुए आवेदन कार्यालय में समर्पित करने का निर्देश दिया। उन्होने योजना के बारे में आम-जनों के बीच व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अन्तर्गत लक्ष्य के विरूद्ध शतप्रतिशत इच्छुक लाभुक को योजना से आच्छादित करने का निर्देश दिया। इसके अलावे उन्होने जिला समाज कल्याण की अन्य योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा करते हुए सीडीपीओ एवं लेडीज सुपरवाईजर को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दियें। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को सप्ताहिक कार्यों की समीक्षा करते रहने का निर्देश दिया। बैठक में अनुमण्डल पदाधिकारी महेन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेणु बाला, सीडीपीओ एवं सभी लेडीज सुपरवाईज उपस्थित थी।

सिमडेगा, शम्भू कुमार सिंह.

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