लोहरदगा: मोटर दुर्घटना दावा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष बैठक, आगामी लोक अदालत की तैयारियों पर मंथन
आनंद कुमार सोनी / लोहरदगा
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लोहरदगा: व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) के कार्यालय कक्ष में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मोटर दुर्घटना दावा (MACT) मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन के साथ-साथ आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को अंतिम रूप देना था।
पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता
बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), श्री राजकमल मिश्रा ने की। उन्होंने उपस्थित बीमा कंपनियों के अधिवक्ताओं और पीड़ित पक्ष के अधिवक्ताओं से स्पष्ट रूप से कहा कि मोटर दुर्घटना के पीड़ितों और उनके आश्रितों को समय पर उचित मुआवजा दिलाना न्यायपालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पीडीजे ने अधिवक्ताओं को दिशा-निर्देश दिए:
दस्तावेजों की समयबद्धता: लंबित मामलों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज बिना देरी के न्यायालय में जमा करें।
अनावश्यक स्थगन से बचाव: मामलों के निपटारे में देरी न हो, इसके लिए अनावश्यक स्थगन (adjournments) की प्रक्रिया से बचें।
आपसी समन्वय: मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए आपसी समन्वय और सहयोग के साथ कार्य करें।
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लोक अदालत पर विशेष जोर
बैठक में 12 सितंबर को होने वाली तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निपटाने का प्रयास करें, ताकि पीड़ितों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से मुक्ति मिल सके और त्वरित राहत मिल सके।
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बीमा कंपनियों के अधिवक्ताओं ने भी न्यायालय को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर सहमति व्यक्त की।
इस अवसर पर डालसा सचिव मनोरंजन कुमार के साथ-साथ अधिवक्ता डॉ. प्रमोद कुमार पुजारी, सी.पी. पाठक, मोतीलाल, राकेश अखौरी, लाल दीपक कुमार, पंकज कुमार अग्रवाल, शशांक कुमार, लाल धर्मेंद्र देव, कुमार चंद्रशेखर सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।

















