Allegations of Rajiv Ranjan Mishra being implicated in a false case, demand for a fair investigation

राजीव रंजन मिश्रा को झूठे मामले में फंसाने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

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रांची : राजधानी रांची के विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने श्री राजीव रंजन मिश्रा को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर गहरी नाराजगी जताई है। संगठनों ने आरोप लगाया कि वन विभाग और प्रशासन ने एक सुनियोजित साजिश के तहत श्री मिश्रा और उनके पुत्र को झूठे मामले में फंसाया है।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि राजीव रंजन मिश्रा का करीब 40 वर्षों का राजनीतिक और सामाजिक जीवन पूरी पारदर्शिता, निष्ठा और जनसेवा को समर्पित रहा है। अब तक उनके ऊपर किसी भी प्रकार का आपराधिक आरोप नहीं लगा था। ऐसे में बिना निष्पक्ष जांच के उन्हें अपराधी की तरह प्रस्तुत करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

संगठनों के अनुसार, राजीव रंजन मिश्रा केवल बबलू नामक व्यक्ति के आग्रह पर नटराज होटल पहुंचे थे। उन्हें बताया गया था कि बबलू के परिवार का एक सदस्य गंभीर रूप से बीमार है और सहयोग की आवश्यकता है। मानवीय आधार पर वे वहां गए थे।

प्रेस विज्ञप्ति में कई सवाल भी उठाए गए हैं। संगठनों ने पूछा कि जिस व्यक्ति के नाम पर 13 मई 2026 से होटल का कमरा बुक था, उसे पुलिस ने गिरफ्तार क्यों नहीं किया। साथ ही बबलू और श्रवण नामक व्यक्तियों को कथित तौर पर संरक्षण देकर वहां से भगाने का भी आरोप लगाया गया। उनका कहना है कि यदि वास्तविक लोगों पर कार्रवाई नहीं होती और निर्दोष लोगों को फंसाया जाता है, तो पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने शुरुआत में श्री मिश्रा से सहयोग की बात कही, लेकिन बाद में उन्हें ही आरोपी बना दिया गया। इसे दुर्भावनापूर्ण और पूर्व नियोजित कार्रवाई बताया गया है।

धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने कहा कि यदि किसी भी एजेंसी के पास श्री मिश्रा के खिलाफ ठोस और प्रमाणिक साक्ष्य हैं, तो वे कानून के अनुसार किसी भी जांच और कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं। लेकिन बिना पर्याप्त तथ्यों और निष्पक्ष जांच के किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा धूमिल करना न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

संगठनों ने राज्य सरकार और न्यायपालिका से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई हो सके। साथ ही उन्होंने न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि सत्य अवश्य सामने आएगा।

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