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चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित सीसीएल की आम्रपाली कोल परियोजना से भारी मात्रा में कोयला स्टॉक से गायब

चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित सीसीएल की आम्रपाली कोल परियोजना से भारी मात्रा में कोयला स्टॉक से गायब होने का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार सीसीएल की आम्रपाली कोल परियोजना के कोयला स्टॉक से 8.75 लाख मीट्रिक टन कोयला गायब हो गया है. इसको लेकर सीबीआई ने रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मामला दर्ज किया है और इसकी जांच में जुट गयी है सीसीएल की आम्रपाली कोल परियोजना से भारी मात्रा में कोयला गायब होने से सीसीएल को 83 करोड़, 63 लाख, 64 हजार, 471 रुपये का घाटा हुआ है. इस मामले में सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए आम्रपाली परियोजना के प्रोजेक्ट अधिकारी, मैनेजर, सीनियर मैनेजर समेत सात नामजद और अन्य अज्ञात के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

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आम्रपाली कोल परियोजना से भारी मात्रा में कोयला गायब होने के मामले में सीबीआई ने जिन लोगों के ऊपर मामला दर्ज किया है, उसमें आम्रपाली कोल परियोजना के परियोजना पदाधिकारी दिलीप कुमार शर्मा, प्रबंधक शंभू कुमार झा, सीनियर मैनेजर सर्वेयर, मगध आम्रपाली एरिया उमेश कुमार सिंह, सीनियर अधिकारी, सर्वेयर, मगध आम्रपाली एरिया पंकज कुमार झा, मुख्य प्रबंधक खनन, मगध आम्रपाली एरिया, सीसीएल निहार रंजन साव, मेसर्स AMPL – MIPL- GCL कोलकाता के सभी निदेशक और मेसर्स AMPL – MIPL- GCL (JB) कोलकाता के ऊपर मामला दर्ज किया है. इसके अलावा अन्य अज्ञात के ऊपर भी मामला दर्ज किया गया है.

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सीबीआइ द्वारा दर्ज मामले में बताया गया है कि लगातार यह सूचना मिल रही थी कि लंबे समय से सभी आरोपित एक आपराधिक साजिश के तहत मेजरमेंट बुक में छेड़छाड़ कर कोयला गायब करवा रहे हैं. जिसके बाद सीसीएल के वरीय अधिकारियों के साथ जांच के लिए एक टीम बनी और इसकी छानबीन शुरू की गई. छानबीन में कोयला स्टॉक से आठ लाख 75 हजार 774 मिट्रिक टन कोयला गायब मिला. छानबीन में इस बात का भी खुलासा कोलकाता की कंपनी AMPL – MIPL- GCL (JB) को आम्रपाली परियोजना में कोयला निकालने से लेकर डंपिंग तक की जिम्मेदारी दी गयी थी. सबने मिलकर यह काम को अंजाम दिया. इस मामले में अनुसंधान की जिम्मेदारी सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रांची के इंस्पेक्टर रवि शंकर प्रसाद को सौंपी गयी है.

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