SIR

झारखंड में मतदाता सूची SIR के लिए 81 विधानसभा क्षेत्रों में अतिरिक्त AERO की नियुक्ति

रांची। भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। आयोग ने राज्य की विधानसभा सीटों पर काम में सहायता के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (Assistant Electoral Registration Officer-AERO) के रूप में नियुक्त करने का निर्देश दिया है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
RKDF
ADV

निर्वाचन आयोग की ओर से 12 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13C के तहत यह व्यवस्था की गई है। इसके तहत पहले से नियुक्त अधिकारियों के अलावा नए अधिकारियों के नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के लिए जोड़े गए हैं।

81 विधानसभा क्षेत्रों में अधिकारियों की जिम्मेदारी

आयोग की अधिसूचना में झारखंड की 81 विधानसभा सीटों के लिए अतिरिक्त AERO की सूची दी गई है। इसमें विभिन्न जिलों के अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी, भूमि सुधार पदाधिकारी, कार्यपालक दंडाधिकारी सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

Kashmir vastaralay
Advertisment

रांची जिले की विधानसभा सीटों में भी कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। रांची विधानसभा क्षेत्र के लिए सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी और जिला सहकारिता पदाधिकारी समेत अधिकारियों को सूची में शामिल किया गया है। वहीं हटिया, कांके, मांडर और खिजरी समेत अन्य विधानसभा क्षेत्रों के लिए भी अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

14 दिन की पूछताछ के बाद इनामी नक्सली मिसिर बेसरा समेत तीन जेल भेजे गए

इसी तरह धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर, सिंहभूम, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह, दुमका, देवघर, पलामू, गढ़वा, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा समेत राज्य के सभी हिस्सों की विधानसभा सीटों के लिए अधिकारियों की सूची अधिसूचना में दी गई है।

विशेष गहन पुनरीक्षण पूरा होने तक रहेगी नियुक्ति

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों की नियुक्ति विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभावी नहीं रहेगी। यानी यह जिम्मेदारी पुनरीक्षण कार्य को पूरा कराने के लिए विशेष रूप से दी गई है।

आयोग की ओर से जारी हिंदी अधिसूचना में झारखंड सरकार के राजपत्र के असाधारण अंक में इसे तत्काल प्रकाशित कराने का निर्देश भी दिया गया है।

 

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now