Minority Commission

अल्पसंख्यक आयोग की बैठक में कई अहम प्रस्ताव, इमरोज मॉब लिंचिंग मामले में एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी

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पप्पू तिवारी 

रांची। झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग की बुधवार को धुर्वा स्थित कार्यालय में अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण आंतरिक बैठक हुई। बैठक में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े शिक्षा, रोजगार, आर्थिक विकास, सामाजिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में कई प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से इन पर तेजी से कार्रवाई करने की अपील करने का फैसला लिया गया।

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बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा चतरा के टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में मोहम्मद इमरोज की मॉब लिंचिंग में हुई मौत का रहा। आयोग के अध्यक्ष ने घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि मामले में सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

आयोग के अनुसार, घटना के दौरान मौके पर मौजूद दो सब-इंस्पेक्टर समेत कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। आयोग ने इस कार्रवाई का स्वागत किया, लेकिन थाना प्रभारी के खिलाफ अब तक इसी तरह की कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाया।

आयोग ने मामले की विस्तृत जांच और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी लेने का फैसला किया है। आयोग के सचिव को निर्देश दिया गया कि डीजीपी और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर एक सप्ताह के भीतर मोहम्मद इमरोज मामले में जांच और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाए।

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सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर भी चिंता

बैठक में सोशल मीडिया के जरिए संवेदनशील मामलों को कथित तौर पर सांप्रदायिक रंग देने और आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। आयोग ने ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग करने का फैसला लिया।

इसके अलावा पिछले तीन वर्षों में राज्य में हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े ऐसे मामलों की समीक्षा करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। हजारीबाग में रूपेश पाठक की मॉब लिंचिंग का मामला भी बैठक में चर्चा का विषय रहा।

झारखंड में अरबी-फारसी विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव

शिक्षा के क्षेत्र में आयोग ने झारखंड में अरबी-फारसी विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में पहल करने का प्रस्ताव पारित किया। बैठक में बिहार के मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय की तर्ज पर झारखंड में भी ऐसा विश्वविद्यालय स्थापित करने की जरूरत बताई गई।

इसके साथ ही आलिम और फाजिल की डिग्री की मान्यता से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

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