बिहार विधानसभा चुनाव 2025: पीएम मोदी 20 अक्टूबर के बाद शुरू करेंगे जोरदार चुनावी अभियान, 12-15 रैलियों की योजना

बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 अक्टूबर के बाद राज्य में सक्रिय चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री की 12 से 15 रैलियों की योजना तैयार की है, जिसके माध्यम से वे राज्य के विभिन्न हिस्सों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे और एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाएंगे। यह अभियान विशेष रूप से पहले चरण के मतदान को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जो 6 नवंबर को होने वाला है।

भाजपा के सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी की रैलियां उन क्षेत्रों पर केंद्रित होंगी जहां एनडीए का प्रभाव अपेक्षाकृत कमजोर रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत लोकप्रियता मजबूत बनी हुई है। प्रत्येक रैली में 15 से 20 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने की योजना है, और दूरदराज के इलाकों में लाइव टेलीकास्ट के जरिए जनता तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। 2020 के चुनावों की तुलना में इस बार रैलियों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है, जिसमें रोड शो भी शामिल हो सकते हैं।

पिछले चुनावों में पीएम मोदी ने पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों में 12 रैलियां की थीं। इस बार भी विकास बनाम वंशवादी राजनीति तथा सुशासन बनाम जंगलराज जैसे मुद्दों पर जोर दिया जाएगा। भाजपा ने ‘मिशन बिहार’ के तहत राज्य को कई जोनों में बांटा है।

एनडीए का अभियान केवल पीएम मोदी तक सीमित नहीं है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अक्टूबर से ही अपनी रैलियां शुरू कर चुके हैं और प्रतिदिन चार रैलियां करने की योजना है। प्रत्येक रैली में पांच से सात विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 35 से अधिक रैलियां करेंगे, जो सीमांचल, मिथिलांचल और कोसी क्षेत्रों पर फोकस करेंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 25 से अधिक रैलियां संबोधित करेंगे, जो पश्चिम बिहार और मगध क्षेत्र को लक्षित करेंगी। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 से अधिक रैलियां करेंगे।

भाजपा ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, जिसमें केंद्रीय मंत्री, अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रमुख नेता शामिल हैं। हाल ही में 15 अक्टूबर को पीएम मोदी ने ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ अभियान के तहत बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने “एकजुट एनडीए, एकजुट बिहार इससे बनेगी सुशासन की सरकार” का नारा दिया और कार्यकर्ताओं को हर घर पहुंचकर केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार करने का निर्देश दिया।

इस बार चुनाव त्रिकोणीय रंग ले चुके हैं, जिसमें प्राशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने नया मोड़ दिया है। एनडीए को विपक्षी महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) और जन सुराज से कड़ी चुनौती मिल रही है। आरजेडी जाति जनगणना और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जोर दे रही है, जबकि एनडीए विकास, रोजगार और केंद्र की योजनाओं जैसे पीएम आवास योजना, उज्ज्वला और किसान सम्मान निधि को हथियार बना रहा है।


















