झारखंड: BJP ने हेमंत सोरेन सरकार से विदेशी दौरों पर मांगा श्वेत पत्र, निवेश के दावों को बताया ‘राजनीतिक पर्यटन’
रांची: झारखंड में भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विदेशी यात्राओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने एक प्रेस वार्ता के दौरान सरकार पर राज्य के युवाओं को गुमराह करने और निवेश के नाम पर ‘राजनीतिक पर्यटन’ करने का आरोप लगाया है।
निवेश के दावों पर ‘जीरो’ प्रगति का आरोप
प्रतुल शाह देव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी स्वीडन, स्पेन, दावोस और ब्रिटेन यात्राओं के दौरान राज्य में भारी निवेश लाने और लाखों युवाओं को रोजगार देने के बड़े-बड़े दावे किए थे। भाजपा के अनुसार, सरकार ने ₹1.30 लाख करोड़ से अधिक के निवेश समझौते का दावा किया था, लेकिन हकीकत यह है कि धरातल पर काम की गति शून्य है।
प्रमुख परियोजनाओं पर उठे सवाल
प्रेस वार्ता में भाजपा ने सरकार द्वारा की गई कई बड़ी घोषणाओं को ‘हवा-हवाई’ करार दिया:
कन्वेंशन सेंटर: स्पेन की कंपनी के साथ रांची में ₹1500 करोड़ के कन्वेंशन सेंटर का दावा किया गया था, जिसका अभी तक भूमि चयन और वित्तीय मॉडल तक तैयार नहीं हुआ है।
टेस्ला बैटरी प्लांट: 300 करोड़ के बैटरी संयंत्र के लिए न तो भूमि आवंटित हुई और न ही कोई काम शुरू हुआ।
औद्योगिक घराने:टाटा स्टील के विस्तार प्रोजेक्ट्स को अपना निवेश बताने, तथा जिंदल, उड़ीसा एलॉय, रुंगटा और अंबुजा सीमेंट जैसे समूहों के साथ हुए एमओयू पर कोई ठोस रोडमैप न होने का आरोप लगाया गया।
श्वेत पत्र’ जारी करने की मांग
भाजपा ने मुख्यमंत्री कार्यालय पर तंज कसते हुए कहा कि यदि निवेश वास्तव में धरातल पर आया होता, तो अब तक राज्य में औद्योगिक गतिविधियाँ दिखने लगतीं और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते। भाजपा ने हेमंत सरकार से मांग की है कि वह अपनी विदेशी यात्राओं और उनसे प्राप्त निवेश का पूरा विवरण देते हुए एक श्वेत पत्र’ (White Paper)जारी करे, ताकि राज्य की जनता को हकीकत का पता चल सके।

















