भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर का बड़ा आरोप - “आदिवासी विरोधी कारनामों से भरा है हेमंत सरकार का कार्यकाल”

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर का बड़ा आरोप – “आदिवासी विरोधी कारनामों से भरा है हेमंत सरकार का कार्यकाल”

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर ने आज प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में झारखंड की हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “हेमंत सरकार का पूरा कार्यकाल आदिवासी विरोधी कारनामों से भरा पड़ा है। यह सरकार ‘अबुआ सरकार’ कहकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि इसके कार्य आदिवासी समाज के खिलाफ हैं।”

उन्होंने चाईबासा सदर अस्पताल में पांच आदिवासी बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने की घटना को “इलाज के नाम पर मौत परोसने वाली हृदय विदारक घटना” बताया। कहा कि “राज्य सरकार कुछ कर्मियों को निलंबित कर मामले को रफा-दफा करना चाहती है, जबकि यह राज्य संपोषित हत्या का प्रयास है।”

आरती कुजूर ने घोषणा की कि भाजपा 3 नवंबर को राज्यभर में जिला अस्पतालों में सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना देगी। पार्टी कार्यकर्ता इस घटना के खिलाफ आंदोलन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री की बर्खास्तगी और दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग करेंगे।

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में आदिवासी समाज पर लगातार अत्याचार बढ़े हैं। “संथाल परगना में सूर्या हांसदा की हत्या, सुभाष मुंडा और उमेश कच्छप की मौतें, चाईबासा में सात आदिवासी युवकों की नृशंस हत्या — ये सभी इस सरकार के शासनकाल की कलंकित घटनाएं हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी समाज की भूमि, अस्मिता और सम्मान तीनों खतरे में हैं। नगड़ी में रैयतों के विरोध के बावजूद जमीन अधिग्रहण, संथाल परगना में घुसपैठियों द्वारा जमीन कब्जा, और न्यायालय के आदेश के बाद भी जमीन वापस न कराना, ये सब हेमंत सरकार की मिलीभगत का परिणाम हैं।

आरती कुजूर ने कहा कि आदिवासी बहन-बेटियां इस सरकार में सबसे असुरक्षित हैं। रुबिका पहाड़िया, दारोगा रूपा तिर्की और महिला एसआई संध्या टोपनो की हत्याओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “यह सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है।”

उन्होंने यह भी कहा कि चाईबासा में ‘नो एंट्री’ की मांग कर रहे आंदोलन में 100 से अधिक आदिवासी समाज के लोग वाहनों की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा कि गरीब, वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन महीनों से बंद हैं, छात्रवृत्ति नहीं मिल रही, और युवाओं को सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि पेसा कानून लागू न करके हेमंत सरकार ने आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों का गला घोंटा है।

उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा आदिवासी समाज के हितों की रक्षक है और एचआईवी संक्रमित रक्त प्रकरण को लेकर सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष करेगी। प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक और प्रवक्ता अजय साह भी उपस्थित थे।

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