शतरंज चैंपियन शुभांकर बामलिया ने सीबीएसई परीक्षा में भी लहराया परचम, कानून की पढ़ाई करेगा शुभांकर

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा : आदिवासी बहुल और कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाला सिमडेगा जिला अब खेल, शिक्षा और प्रतिभा के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। हॉकी की नर्सरी के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुके इस जिले की माटी अब अन्य क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं को जन्म दे रही है। इसी कड़ी में शतरंज खिलाड़ी शुभांकर बामलिया ने शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है।
श्री रामरेखा धाम के पूर्व उपाध्यक्ष अमरनाथ बामलिया एवं पूर्व पार्षद संतोष देवी के पौत्र, जबकि रायपुर निवासी अनूप अग्रवाल और नीतू अग्रवाल के पुत्र शुभांकर बामलिया ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा में 94.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की है। शुभांकर की इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।
शुभांकर पढ़ाई के साथ-साथ शतरंज के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे छत्तीसगढ़ के उभरते युवा शतरंज खिलाड़ियों में शामिल हैं और अंडर-17 तथा अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय शतरंज चैंपियन रह चुके हैं। अपनी रणनीतिक सोच, अनुशासन और निरंतर मेहनत के दम पर उन्होंने खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
अब शुभांकर कानून की पढ़ाई कर देश की न्याय व्यवस्था में योगदान देना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) में ऑल इंडिया 804वीं रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि के आधार पर उन्हें देश के प्रतिष्ठित Hidayatullah National Law University में प्रवेश मिला है।
परिवारजनों ने शुभांकर की सफलता का श्रेय उनकी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। वहीं जिले के लोगों ने भी शुभांकर की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

















