CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी:बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह , वकीलों की डिग्री की CBI जांच के संकेत
डेस्क : सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को एक याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने बेहद सख्त और हैरान करने वाली टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने देश के कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ (तिलचट्टों) से करते हुए कहा कि जिन्हें नौकरी नही मिलती वो आगे चलकर मीडिया / सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते है
क्या है पूरा मामला?
CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच एक वकील की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने ‘सीनियर एडवोकेट’ का दर्जा पाने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान बेंच वकील के आचरण और उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों से बेहद नाराज दिखी।
CJI की प्रमुख टिप्पणियां:
युवाओं पर टिप्पणी: CJI ने कहा, “कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं। जब उन्हें रोजगार या पेशे में जगह नहीं मिलती, तो वे मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बन जाते हैं और फिर सिस्टम पर हमला करना शुरू कर देते हैं।”
सोशल मीडिया पर निगरानी: अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के खिलाफ फेसबुक और यूट्यूब पर चल रही गतिविधियों पर उनकी नजर है। CJI ने पूछा, “वे जो कुछ भी पोस्ट कर रहे हैं, क्या उन्हें लगता है कि हम देख नहीं रहे हैं?”
वकीलों की फर्जी डिग्री: बेंच ने दिल्ली के कई वकीलों की LL.B डिग्रियों पर भी संदेह जताया। CJI ने कहा, *”मैं एक ऐसे मामले का इंतजार कर रहा हूं जिसके जरिए मैं दिल्ली के हजारों वकीलों की डिग्रियों की CBI जांच का आदेश दे सकूं। मुझे उनके असली होने पर गहरा संदेह है।”
BCI पर निशाना: कोर्ट ने यह भी कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) इस पर कार्रवाई नहीं करेगी क्योंकि उन्हें “वोटों की राजनीति” करनी होती है।
वकील को लगी फटकार
बेंच ने याचिकाकर्ता वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि समाज में पहले से ही कई ‘परजीवी’ (parasites) हैं जो संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि सीनियर एडवोकेट का दर्जा सम्मान के रूप में दिया जाता है, इसे जिद करके या बार-बार याचिका लगाकर हासिल नहीं किया जा सकता।
अंत में, कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए याचिकाकर्ता ने माफी मांगी और अपनी याचिका वापस ले ली।


















