हरिओम टावर में अवैध कोचिंग पर निगम की बड़ी कार्रवाई, 5 संस्थान सील; 18 पर कार्रवाई की तैयारी
रांची। राजधानी रांची में नियमों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में लालपुर स्थित हरिओम टावर में संचालित पांच कोचिंग संस्थानों को बुधवार को सील कर दिया गया। नगर निगम की कार्रवाई के बाद कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सील किए गए संस्थानों में द पाठशाला, पतंजलि IAS एकेडमी, मोशन एकेडमी, CLAT Preparation और चैतन्या IAS एकेडमी शामिल हैं। निगम की जांच में इन संस्थानों में सुरक्षा और वैधानिक नियमों से जुड़ी कई कमियां सामने आई थीं।
पहले दिया गया था तीन दिन का समय
दरअसल, रांची नगर निगम ने अगस्त में शहर के कोचिंग और प्रशिक्षण संस्थानों की जांच शुरू की थी। हरिओम टावर में भी निगम की टीम ने जांच की थी। जांच के दौरान कई संस्थानों के पास फायर एनओसी और ट्रेड लाइसेंस समेत जरूरी दस्तावेज नहीं मिले थे।
निगम ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर कमियां दूर करने और जरूरी दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया था। चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय में अनुपालन नहीं करने पर संस्थानों को सील कर दिया जाएगा।

फायर सेफ्टी से लेकर ट्रेड लाइसेंस तक सवाल
निगम की जांच में जिन कमियों पर कार्रवाई की गई, उनमें फायर एनओसी का अभाव, पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था नहीं होना, सुरक्षित प्रवेश-निकास की व्यवस्था में कमी, वेंटिलेशन और जगह से जुड़ी कमियां तथा वैध ट्रेड लाइसेंस का अभाव शामिल बताया गया है।
निगम के अनुसार, बिना आवश्यक अनुमति और वैध ट्रेड लाइसेंस के व्यावसायिक गतिविधि संचालित करना झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 और झारखंड म्यूनिसिपल ट्रेड लाइसेंस रूल्स, 2017 के प्रावधानों का उल्लंघन है।
18 कोचिंग संस्थान निगम के रडार पर
यह कार्रवाई सिर्फ पांच संस्थानों तक सीमित नहीं रहने वाली है। नगर निगम ने बताया है कि कुल 18 कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सीलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें से पांच संस्थानों पर कार्रवाई हो चुकी है, जबकि बाकी चिह्नित संस्थानों के खिलाफ भी जांच और नियमानुसार कार्रवाई जारी है।
यानी आने वाले दिनों में रांची के दूसरे कोचिंग संस्थानों पर भी नगर निगम का शिकंजा कस सकता है।
छात्रों की सुरक्षा बना कार्रवाई का आधार
नगर निगम का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल लाइसेंस की जांच करना नहीं है, बल्कि कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। खास तौर पर आग जैसी आपात स्थिति में सुरक्षित निकास, फायर सेफ्टी उपकरण और भवन से जुड़े मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है।
इससे पहले निगम ने शहर के कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी संचालकों को भी स्पष्ट संदेश दिया था कि बिना वैध ट्रेड लाइसेंस, फायर एनओसी और आवश्यक सुरक्षा मानकों के संस्थान संचालित करने पर सीलिंग समेत कार्रवाई की जाएगी।
यानी हरिओम टावर में पांच संस्थानों की सीलिंग को निगम की कार्रवाई का पहला बड़ा नतीजा माना जा रहा है। अब नजर उन बाकी संस्थानों पर है, जिन्हें निगम ने अपनी जांच के दायरे में रखा है।

















