बोलेरो में हो रही थी गायों की तस्करी.
लोहरदगा : लोहरदगा मिशन चौक के समीप एक बोलेरो में बड़े अजीबोगरीब तरीके से पांच गायों की तस्करी किए जाने का मामला पकड़ में आया है। गायों के पैर और सींग आपस में बांधकर मवेशी तस्कर उन्हें बोलेरो में ठूंस कर ले जा रहे थे। गाड़ी खराब होने के कारण तस्कर गाड़ी छोड़ भाग खड़े हुए। मामले की जानकारी होने पर लोहरदगा सदर थाना द्वारा बोलेरो को जब्त कर थाना लाया गया। स्थानीय लोगों ने मिलकर सभी मवेशी को बोलेरो से बाहर निकाला। तीन गाएं स्वस्थ मिलीं,जबकि दो गायों की हालत बेहद बुरी तरीके से गाड़ी में ठूंसे जाने के कारण खराब हो गई थी। जिनका इलाज पशु चिकित्सक द्वारा किया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लोहरदगा पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने से कतरा रही है। थाने के अधिकारी कह रहे हैं कि आला अधिकारी भी इस पर कुछ टिप्पणी कर सकते हैं। इधर हाल के समय में जिले से या फिर जिले की सड़कों से होकर बड़े पैमाने पर गो वंशीय पशुओं की तस्करी हो रही है। इस पर पुलिस आंख मूंदे हुए है। कुड़ू थाने में पकड़ी गई कुछ पशु लगी गाड़ियों को छोड़ दें तो बाकी थाना क्षेत्रों से पशु तस्कर आराम से अपनी गाड़ियां निकाल ले रहे हैं।
लोहरदगा शहर से रोजाना बड़ी संख्या में पशुओं की तस्करी हो रही है।
28 फरवरी को बोलेरो में ठूंसी गई गायों को इसलिए रेस्क्यू कराया जा सका क्योंकि तस्करों की गाड़ी खराब हो गई। वरना यह गाड़ी भी शहर से होकर कई जगहों पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद आराम से निकल जाती। पशु तस्करों का दुस्साहस साहस और पुलिस की खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है। आजसू के केंद्रीय सचिव सूरज अग्रवाल ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा है कि पशु तस्करों ने हदें पार कर दी हैं। जिला प्रशासन और पुलिस इनकी करतूतों को रोकने के लिए जांच अभियान चलाए।
लोहरदगा, प्रीतम कुमार

















