मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर उपायुक्त सख्त, सभी स्वास्थ्य सूचकांकों में बेहतर प्रदर्शन के दिए निर्देश

गोड्डा: जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्तापूर्ण सुधार लाते हुए सभी स्वास्थ्य सूचकांकों में लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य विभाग की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में उन्होंने अप्रैल से जून 2026 तक विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और मातृ-शिशु स्वास्थ्य योजनाओं की प्रखंडवार प्रगति की समीक्षा की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में उपायुक्त ने गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत पंजीकरण, चार अनिवार्य प्रसव पूर्व जांच (4 ANC), संस्थागत प्रसव तथा आयरन-फोलिक एसिड (IFA) टैबलेट वितरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रथम तिमाही में गर्भावस्था पंजीकरण की जिला उपलब्धि 92 प्रतिशत रही है, जिसे 100 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए सहिया, एएनएम एवं स्वास्थ्यकर्मी घर-घर संपर्क अभियान चलाएं।
चार एएनसी जांच के मामले में जिले की उपलब्धि 93 प्रतिशत रही, जबकि पोड़ैयाहाट, गोड्डा सदर एवं महागामा प्रखंड का प्रदर्शन बेहतर रहा। उपायुक्त ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की विशेष निगरानी और नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की पहचान और उपचार पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने समय पर इलाज, रेफरल एवं पोषण संबंधी परामर्श उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने को कहा। वहीं, 180 आयरन-फोलिक एसिड टैबलेट वितरण में जिले ने लगभग 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।

हालांकि, संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 67 रहने पर उपायुक्त ने चिंता जताई और सभी प्रखंडों में जनजागरूकता अभियान चलाने तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने बोआरीजोर एवं सुंदरपहाड़ी जैसे अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों में विशेष अभियान चलाकर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचारी रोग नियंत्रण, मलेरिया, डेंगू, टीबी, कुष्ठ, परिवार नियोजन, एनसीडी, एनटीईपी, एनवीबीडीसीपी, एमटीसी, एसएनसीयू एवं ब्लड सेल से संबंधित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त विस्पुते श्रीकांत यशवंत, सिविल सर्जन डॉ. एस.सी. शर्मा, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. ताराशंकर झा, अस्पताल प्रबंधक मोनाली राय सहित विभिन्न प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।यदि चाहें, मैं इसके लिए 4–5 आकर्षक वेबसाइट हेडलाइन विकल्प भी तैयार कर सकता हूँ।















