ईडी ने रांची पुलिस के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया: पेयजल घोटाले की जांच में बाधा का आरोप, सीबीआई जांच की मांग
ईडी ने रांची पुलिस के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया: पेयजल घोटाले की जांच में बाधा का आरोप, सीबीआई जांच की मांग
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रांची, 15 जनवरी – प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रांची पुलिस द्वारा अपने कार्यालय में की गई जांच और छापेमारी के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है। ईडी ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई पेयजल विभाग (पीएचईडी) में हुए 23 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच में जानबूझकर बाधा डालने और आरोपी को बचाने की साजिश का हिस्सा है।एजेंसी ने हाईकोर्ट से मांग की है कि:पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए।
ईडी अधिकारियों के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में दर्ज प्राथमिकी (कांड संख्या 05/2026) को तत्काल निरस्त किया जाए।
रांची पुलिस की जांच पर रोक लगाई जाए।
झारखंड हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार (16 जनवरी ) को इस याचिका पर सुनवाई तय की है।
घटनाक्रम कैसे शुरू हुआ?
यह विवाद पेयजल विभाग के पूर्व क्लर्क संतोष कुमार से जुड़ा है, जो घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। संतोष ने 12 जनवरी को ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान अधिकारियों पर मारपीट, सिर फोड़ने और सबूत नष्ट करने का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई।इसके आधार पर पुलिस ने ईडी के सहायक निदेशक प्रीतिक कुमार और सहायक शुभम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।15 जनवरी की सुबह रांची पुलिस की टीम (DSP स्तर के अधिकारी सहित) एयरपोर्ट रोड, हिनू स्थित ईडी के रांची जोनल ऑफिस पहुंची। टीम ने CCTV फुटेज की जांच की और सबूत इकट्ठा करने की कोशिश की। इस दौरान CISF ने सुरक्षा बढ़ा दी और इलाका घेर लिया गया।
ईडी ने इसे अपनी जांच में व्यवधान और राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया है। एजेंसी का कहना है कि आरोपी संतोष कुमार ने पहले घोटाले में बड़े अधिकारियों के शामिल होने की बात कही थी, लेकिन अब बयान से पलटकर ईडी अधिकारियों पर झूठे आरोप लगा रहा है।

















