एलन मस्क ने की नई 'अमेरिका पार्टी' की घोषणा, ट्रंप से मतभेद के बाद लिया बड़ा फैसला

एलन मस्क ने की नई ‘अमेरिका पार्टी’ की घोषणा, ट्रंप से मतभेद के बाद लिया बड़ा फैसला

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अरबपति उद्यमी और टेस्ला-स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने शनिवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘अमेरिका पार्टी’ के गठन की घोषणा की। यह ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके हालिया सार्वजनिक मतभेद और ट्रंप की ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ नीति पर तीखी असहमति के बाद आया है। मस्क ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह पार्टी अमेरिकियों को मौजूदा “एक-पक्षीय सिस्टम” से मुक्ति दिलाएगी और लोगों की वास्तविक आवाज को प्रतिनिधित्व देगी।

मस्क ने अपने X पोस्ट में लिखा, “2:1 के अनुपात में आप एक नई राजनीतिक पार्टी चाहते हैं और आपको यह मिलेगी! जब बात हमारे देश को बर्बाद करने वाले खर्च और भ्रष्टाचार की आती है, तो हम एक लोकतंत्र में नहीं, बल्कि एक-पक्षीय सिस्टम में रहते हैं। आज, अमेरिका पार्टी आपके स्वतंत्रता को वापस देने के लिए गठित की गई है।”

मस्क ने संकेत दिया कि ‘अमेरिका पार्टी’ 2026 के मध्यावधि चुनावों में कुछ चुनिंदा सीटों पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि 2-3 सीनेट सीटों और 8-10 हाउस सीटों पर “लेजर-फोकस” रणनीति अपनाकर पार्टी महत्वपूर्ण विधायी फैसलों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। उनका दावा है कि यह रणनीति मौजूदा “यूनिपार्टी” सिस्टम को तोड़ने में मदद करेगी, जो उनके अनुसार डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों का एकीकरण है।

मस्क का यह कदम ट्रंप प्रशासन के साथ उनके रिश्ते में आई दरार के बाद आया है। मस्क ने ट्रंप की ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ को “घृणित” और “अमेरिका को दिवालिया करने वाला” करार दिया था, क्योंकि यह बिल अगले दस वर्षों में राष्ट्रीय ऋण में 3.3 ट्रिलियन डॉलर जोड़ सकता है। मस्क ने पहले ट्रंप के 2024 के राष्ट्रपति अभियान में 277 मिलियन डॉलर का समर्थन किया था और ट्रंप प्रशासन में ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ (DOGE) का नेतृत्व भी किया था। हालांकि, मई 2025 में उन्होंने इस भूमिका को छोड़ दिया और ट्रंप के साथ मतभेद सार्वजनिक हो गए।

राजनीतिक विश्लेषकों ने मस्क के इस कदम पर संशय जताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका का दो-पक्षीय सिस्टम, जिसमें डेमोक्रेट और रिपब्लिकन का दबदबा है, को तोड़ना बेहद मुश्किल है। तीसरी पार्टी के लिए मतपत्र तक पहुंच, कड़े राज्य कानून और धन की सीमाएं बड़ी बाधाएं हैं। इतिहास में तीसरी पार्टियों, जैसे रॉस पेरो की 1992 की स्वतंत्र उम्मीदवारी, को भी स्थायी सफलता नहीं मिली।

लंदन के यूसीएल स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी के एसोसिएट प्रोफेसर थॉमस गिफ्ट ने कहा, “यह मस्क का एक ब्लफ हो सकता है। डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों की मशीनरी को पार करना लगभग असंभव है।” इसके अलावा, मस्क की लोकप्रियता में हालिया कमी और ट्रंप के समर्थकों के बीच उनकी आलोचना इस नई पार्टी की राह को और जटिल कर सकती है।

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