सखी वन स्टॉप सेंटर में खामियां, डालसा सचिव के निरीक्षण में उजागर हुईं कई अनियमितताएं

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की सचिव मरियम हेमरोम ने झारखंड उच्च न्यायालय के 25 सितंबर के निर्देश पर गुरुवार को सिमडेगा शहर स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र में कई गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही सामने आईं, जिससे सचिव ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण में पाया गया कि सेंटर में रखे गए रजिस्टरों का संधारण ठीक नहीं है। कई अभिलेख अधूरे थे और महत्वपूर्ण जानकारी गायब थी, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह रहा कि सेंटर के सभी सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और गोपनीयता के लिए आवश्यक निगरानी तंत्र का ठप होना गंभीर मामला है।

सचिव ने बताया कि सेंटर में स्टाफ की भारी कमी है। कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं और न तो पर्याप्त कर्मचारी हैं, न ही प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद है। इसके अलावा, विभाग को पूर्व में सूचित किए जाने और निरीक्षण तिथि पर उपस्थित रहने के निर्देश के बावजूद कोई भी संबंधित अधिकारी मौके पर नहीं था।

निरीक्षण में यह भी खुलासा हुआ कि जनवरी 2025 से अब तक किसी भी महिला ने सखी वन स्टॉप सेंटर में आश्रय नहीं लिया। यह स्थिति दर्शाती है कि या तो पीड़ित महिलाओं तक सेंटर की जानकारी नहीं पहुंच रही है या सेंटर की कार्यशैली पर भरोसा नहीं है। बेडरूम, शौचालय, किचन और अन्य सुविधाओं की जांच में भी रख-रखाव में कई कमियां पाई गईं।

सचिव ने सेंटर की सेवाओं का प्रचार-प्रसार करने और अस्पताल, जेल, व्यवहार न्यायालय परिसर, समाहरणालय, बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बैनर लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम से सुकोमल भी मौजूद थे, जिन्होंने खामियों को नोट किया।

सचिव मरियम हेमरोम ने बताया कि निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) को सौंपी जाएगी। उन्होंने सेंटर की खामियों को तत्काल दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि पीड़ित महिलाओं को समय पर सहायता और सुरक्षा मिल सके।


















