पेट्रोल-डीजल से लेकर राशन तक, जनता पर दोहरा हमला कर रही भाजपा सरकार : विनोद पांडेय

रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महंगाई, कमजोर होती अर्थव्यवस्था और गरीबों के अधिकारों में कटौती का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर राशन कार्ड रद्दीकरण तक, केंद्र सरकार की नीतियां आम जनता को आर्थिक संकट की ओर धकेल रही हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हालिया बयान को “जनता को भ्रमित करने वाला” बताते हुए कहा कि असली समस्या अंतरराष्ट्रीय बाजार नहीं, बल्कि भाजपा की “चुनावी तेल नीति” है। विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में जब कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची थी, तब पांच राज्यों के चुनाव के दौरान 137 दिनों तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे गए। वहीं, बाद में कच्चे तेल की कीमत घटने के बावजूद आम लोगों को अपेक्षित राहत नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती यह साबित करती है कि केंद्र सरकार के फैसले आर्थिक आधार पर नहीं, बल्कि चुनावी लाभ-हानि को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। झामुमो महासचिव ने सवाल उठाया कि जब Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी कंपनियों ने वित्त वर्ष 2023-24 में लगभग ₹81 हजार करोड़ का मुनाफा कमाया, तो फिर “अंडर-रिकवरी” का मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 से अब तक केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल पर टैक्स के जरिए करीब ₹38.89 लाख करोड़ की वसूली कर चुकी है, जिसका सीधा बोझ आम नागरिकों पर पड़ा है। विनोद पांडेय ने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक अस्थिरता का असर सोने की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से भी साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि जब लोगों का अपनी करेंसी और अर्थव्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है, तब वे सोने जैसे “सेफ एसेट” की ओर रुख करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों ने आम लोगों की बचत, रोजगार और क्रय शक्ति को कमजोर किया है। आज आम नागरिक महंगाई, बेरोजगारी और टैक्स के दोहरे दबाव में जीवन जीने को मजबूर है।
राशन कार्ड रद्दीकरण के मुद्दे पर भी झामुमो ने भाजपा को घेरा। विनोद पांडेय ने कहा कि बिहार के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी गरीबों को योजनाओं से वंचित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में भी एसआईआर जैसे बहानों के जरिए गरीब, आदिवासी, मूलवासी और झारखंडियों का राशन छीनने की साजिश की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा गरीबों के अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं करेगा और राज्य के हर जरूरतमंद परिवार को राशन, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार मिलना चाहिए।

















