मतदाता पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: रिश्वतखोरी के आरोप में BLO चयनमुक्त

गढ़वा: मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR-2026) के दौरान अनियमितता बरतने और रिश्वत की मांग करने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मतदान केंद्र संख्या-383 की बीएलओ (BLO)-सह-आंगनबाड़ी सेविका, जबीला खातून को तत्काल प्रभाव से उनके पद से चयनमुक्त कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मतदाता सूची के डिजिटाइजेशन और फॉर्म के संग्रहण के दौरान संबंधित बीएलओ द्वारा पैसे की मांग करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी, पशुपति नाथ मिश्रा ने रंका के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को त्वरित जांच के निर्देश दिए थे।

जांच में आरोप सही पाए गए
जांच प्रतिवेदन में वायरल वीडियो और शिकायत की पुष्टि हुई, जिसके बाद प्रशासन ने बिना कोई देरी किए दोषी कर्मी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें चयनमुक्त कर दिया है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
जीरो टॉलरेंस नीति: निर्वाचन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्य की निरंतरता: बूथ संख्या-383 पर पुनरीक्षण कार्य निर्बाध रूप से चलता रहे, इसके लिए तुरंत नए बीएलओ की नियुक्ति कर दी गई है।
भविष्य की चेतावनी: भविष्य में भी यदि किसी कर्मचारी द्वारा सरकारी कार्यों में अनियमितता की जाती है, तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Also Read : जमशेदपुर: DD बार हमला कांड का मुख्य आरोपी राहुल दुबे गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया हथियार
कोलेबिरा में गौ-तस्करी की साजिश नाकाम, रेकी कर रहे दो आरोपी गिरफ्तार, कार और मोबाइल जब्त
















