सरकारी शिक्षक (Government teachers) गैर शैक्षणिक कार्यों से होंगे मुक्त ! शिक्षा मंत्री ले सकते है निर्णय । कल होगी शिक्षकों संघो के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

सरकारी शिक्षक (Government teachers) गैर शैक्षणिक कार्यों से होंगे मुक्त ! शिक्षा मंत्री ले सकते है निर्णय । कल होगी शिक्षकों संघो के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

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Government teachers will be free from non-academic work : सरकारी शिक्षकों (Government teachers) की गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने को लेकर निर्णय हो सकता है.मंत्री जगन्नाथ महतो ने विभिन्न शिक्षकों संघो के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाई हैशिक्षा मंत्री के आवास पर होने वाली बैठक में विभागीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे शिक्षा मंत्री को मध्यान भोजन के कार्यों से मुक्त करने का आश्वासन पहले ही दे चुके हैं ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में बुधवार को मंत्री जगन्नाथ महतो की ओर से विधिवत घोषणा भी कर दी जाएगी। 

स्कूल मैनेजिंग कमिटी की भूमिका और जिम्मेदारी पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार का आयोजन
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झारखण्ड में शिक्षा व्यवस्था सरकारी स्कूलों में काफी लचर है। यही वजह है की झारखंड सरकार शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने को लेकर गंभीर है इसे लेकर सरकारी स्कूल एवं साक्षरता विभाग के मंत्री जगन्नाथ महतो ने विभिन्न शिक्षकों संघो के प्रतिनिधियों के साथ दूसरा उनके बैठक बुधवार को बुलाई है इसमें शिक्षकों की गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने को लेकर निर्णय हो सकता है.

 
 शिक्षा मंत्री के आवास पर होने वाली बैठक में विभागीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे शिक्षा मंत्री को मध्यान भोजन के कार्यों से मुक्त करने का आश्वासन पहले ही दे चुके हैं ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में बुधवार को मंत्री जगन्नाथ महतो की ओर से विधिवत घोषणा भी कर दी जाएगी।  इससे पहले शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने 9 जून 2022 को झारखंड के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सुधार पर सुझाव देने के लिए शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों को बुलाया था।  उसमें सभी शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि पहले सभी शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए इसके बाद ही स्कूल में बच्चों को शिक्षा में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।  इसके बाद मंत्री ने सभी संघों से उन गैर शैक्षणिक कार्यों के बारे में पूरी जानकारी मांगी थी जो शिक्षक से स्कूल कार्य के दौरान लिए जाते हैं शिक्षकों ने इसे लेकर लिखित जानकारियां मंत्री को उपलब्ध करा दी है.
 
 शिक्षकों का दावा है कि उन से मध्यान भोजन में प्रतिदिन खर्च का हिसाब किताब रखने प्रतिदिन व मासिक रिपोर्ट भेजने स्कूल के बजट बनाने 37 पेज के यू डायस फॉर्म ऑनलाइन भरने प्रत्येक दिन ई विद्या वाहिनी एप से छात्रों को उपस्थिति बनाने विद्यालय प्रबंधन समिति व सरस्वती वाहिनी के खातों का संधारण और ऑडिट करवाने विद्यालय के पोषक  क्षेत्र में घूम-घूम कर शिशु गणना करने प्रतिमाह  शिक्षक अभिभावक बैठक करने, प्रत्येक माह की 25 तारीख को विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक करने, किताब, चावल, कुकिंग कास्ट के वितरण, बाल संसद पंजी बनाने के काम लिए जाते हैं इससे उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है जिसका असर बच्चों के पठन-पाठन पर पड़ता है. अगर इन कामो से शिक्षकों को मुक्ति मिल जाये तो झारखण्ड में शिक्षकों के द्वारा बच्चो को अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सकेगी। शिक्षकों को मानसिक रूप से शयन सिर्फ बच्चो को पढ़ने में रहेगा। 
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