High Court:-आय से अधिक संपत्ति मामले में है कोर्ट में हुई बंधू तिर्की से पूछताछ, सिविल कोर्ट ने माँगा एलसीआर, 9 मई को होगी अगली सुनवाई

High Court:-आय से अधिक संपत्ति मामले में है कोर्ट में हुई बंधू तिर्की से पूछताछ, सिविल कोर्ट ने माँगा एलसीआर, 9 मई को होगी अगली सुनवाई

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High Court

प्रेरणा चौरसिया

Drishti  Now  Ranchi

आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की सजा पूर्व मंत्री को मिली थी। उच्च न्यायालय में, वह एक आपराधिक अपील का विषय था। अपील पर आज सुनवाई थी। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस नवनीत कुमार ने अपने कोर्ट रूम में इस सुनवाई की अध्यक्षता की. न्यायमूर्ति नवनीत कुमार ने निचली अदालत से बंधु तिर्की मामले के रिकॉर्ड की मूल प्रति मांगी है, जबकि वह मामले की सुनवाई कर रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त होने पर, अगली सुनवाई निर्धारित की जाएगी। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि नौ मई निर्धारित की है.

सीबीआई की कोर्ट में हुई थी सजा 

28 मार्च 2022 को बंधु तिर्की की आय से अधिक संपत्ति अर्जन के संबंध में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत में सुनवाई हुई. अदालत द्वारा सुनवाई पूरी होने के बाद बंधु तिर्की को तीन साल की सजा और तीन लाख रुपये का जुर्माना मिला। भाई तिर्की को जुर्माना अदा न करने पर अदालत से 6 महीने की अतिरिक्त सजा का सामना करना पड़ा।

क्या है आय से अधिक संपत्ति का मामला ? 

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के प्रशासन के दौरान, बंधु तिर्की ने शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप लगाया गया था। 6 लाख 28 हजार 698. इससे पहले एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में केस खोला गया था. फिर 2010 में सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति मामले में केस नंबर आरसी-5ए/10 के साथ केस दर्ज किया। मामले की विशेष सीबीआई अदालत में बचाव पक्ष के आठ और अभियोजन पक्ष के 21 गवाहों ने गवाही दी। अदालत ने सत्र में रहते हुए भी अपना फैसला सुनाया।

इनसे मिली थी सुचना 

इस मामले में सूचक सामाजिक कार्यकर्ता राजीव शर्मा हैं। इन्होंने 2009 में निगरानी कोर्ट में शिकायतवाद दाखिल किया था। निगरानी कोर्ट ने एक जुलाई 2009 को जांच का आदेश दिया था। 2010 में पहले एसीबी में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद विधायक बंधु तिर्की पर आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई ने एक अगस्त 2010 को (आरसी-5 ए/ 2010) केस दर्ज किया था।

 

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