गृह मंत्रालय का टीवी चैनलों को सख्त निर्देश: न्यूज प्रोग्राम में एयर डिफेंस सायरन बजाना बंद करें
गृह मंत्रालय का टीवी चैनलों को सख्त निर्देश: न्यूज प्रोग्राम में एयर डिफेंस सायरन बजाना बंद करें
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नई दिल्ली, 10 मई : भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने सभी समाचार चैनलों को तत्काल प्रभाव से अपने कार्यक्रमों के दौरान सिविल डिफेंस एयर रेड सायरन का उपयोग बंद करने का निर्देश जारी किया है। यह कदम हाल के दिनों में कुछ टीवी चैनलों द्वारा ब्रेकिंग न्यूज और भारत-पाकिस्तान तनाव से संबंधित खबरों के दौरान सायरन के अत्यधिक और अनुचित उपयोग के बाद उठाया गया है।
गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि सायरन का बार-बार प्रसारण जनता में भ्रम, अनावश्यक दहशत और भय का माहौल पैदा कर रहा है। इससे वास्तविक आपात स्थिति में लोगों को सही संकेत समझने में कठिनाई हो सकती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सिविल डिफेंस सायरन का उपयोग केवल सामुदायिक जागरूकता अभियानों या सरकारी अनुमति के साथ विशिष्ट उद्देश्यों तक सीमित होना चाहिए।

पिछले कुछ हफ्तों में, खासकर भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव और नियंत्रण रेखा (LoC) पर गतिविधियों से संबंधित खबरों के दौरान, कई न्यूज चैनलों ने अपने प्राइम टाइम शो और ब्रेकिंग न्यूज सेगमेंट में एयर रेड सायरन का इस्तेमाल किया। इन सायरनों को अक्सर युद्ध जैसे माहौल को दर्शाने या दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए जोड़ा गया। हालांकि, इस प्रथा की व्यापक आलोचना हुई, क्योंकि इससे आम जनता में भय और अनिश्चितता फैल रही थी। सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स ने इस तरह के सनसनीखेज प्रसारण पर आपत्ति जताई थी।
मंत्रालय का आदेश और चेतावनी
गृह मंत्रालय ने सभी न्यूज चैनलों को आदेश दिया है कि वे तुरंत इस प्रथा को बंद करें और भविष्य में सायरन का उपयोग करने से पहले सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करें। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अनुपालन न करने वाले चैनलों के खिलाफ नियामक कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें प्रसारण नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना या अन्य दंड शामिल हो सकते हैं।
मीडिया विशेषज्ञों और रक्षा विश्लेषकों ने गृह मंत्रालय के इस कदम का स्वागत किया है।
गृह मंत्रालय ने प्रसारण मंत्रालय और भारतीय प्रेस परिषद के साथ मिलकर मीडिया हाउसों के लिए नए दिशानिर्देश तैयार करने की योजना बनाई है, ताकि समाचार प्रसारण में इस तरह की प्रथाओं को रोका जा सके। इसके अलावा, जनता से भी अपील की गई है कि वे केवल सरकारी स्रोतों से प्राप्त आपातकालीन संकेतों पर ध्यान दें और अफवाहों से बचें।

















