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INDIA ब्लॉक का ‘वोट चोरी’ के खिलाफ मार्च, राहुल गांधी समेत कई नेता हिरासत में

नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने सोमवार को संसद भवन से भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। यह मार्च बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और 2024 के लोकसभा चुनावों में कथित “मतदाता धोखाधड़ी” के विरोध में आयोजित किया गया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने परिवहन भवन के पास बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोक दिया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, संजय राउत, सागरिका घोष सहित कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।

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इंडिया ब्लॉक ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और 2024 के लोकसभा चुनावों में “वोट चोरी” के आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि मतदाता सूचियों में फर्जी नाम जोड़े गए हैं और बेंगलुरु सेंट्रल के महादेवनपुरा विधानसभा क्षेत्र में 6.5 लाख वोटों में से एक लाख से अधिक वोट फर्जी थे। उन्होंने डिजिटल मतदाता सूची को सार्वजनिक करने की मांग की है ताकि राजनीतिक दल और जनता इसका ऑडिट कर सकें।

मार्च में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, आप, और अन्य विपक्षी दलों के लगभग 300 सांसद शामिल थे। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी, जया बच्चन, डिंपल यादव, और शशि थरूर जैसे दिग्गज नेताओं ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा, “यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है। यह संविधान और ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के सिद्धांत को बचाने की लड़ाई है। हम एक साफ-सुथरी मतदाता सूची चाहते हैं।” वहीं, प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “सरकार डरी हुई और कायर है।”

दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि इंडिया ब्लॉक ने मार्च के लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं मांगी थी। परिवहन भवन के पास पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर मार्च को रोक दिया, जिसके बाद विपक्षी नेता सड़कों पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान अखिलेश यादव पुलिस बैरिकेड के ऊपर से कूदते नजर आए, जबकि प्रियंका गांधी ने ताली बजाकर प्रदर्शनकारियों का उत्साह बढ़ाया।

इंडिया ब्लॉक ने चुनाव आयोग से डिजिटल मतदाता सूची को सार्वजनिक करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। कांग्रेस ने इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है, जहां लोग ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “वोट चोरी ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के सिद्धांत पर हमला है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए साफ मतदाता सूची जरूरी है।”

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