कोल्हान में ईंधन का बड़ा संकट: राशनिंग लागू: बाइक को 200 और कार को 2000 से ज्यादा का तेल नहीं, कोल्हान के 60 पंपों पर तेल की कमी
जमशेदपुर समेत कोल्हान में पेट्रोल-डीजल की भारी कमी। कई पंप बंद, तेल वितरण पर सीमा तय। जानिए क्या है मौजूदा स्थिति।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नीरज तिवारी
जमशेदपुर/कोल्हान: जमशेदपुर समेत पूरे कोल्हान प्रमंडल में पेट्रोल और डीजल के संकट ने आम जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बुधवार सुबह से ही शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर वाहनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे कई स्थानों पर जाम और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। तेल की किल्लत इतनी बढ़ गई है कि कोल्हान के करीब 60 पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद हो चुके हैं।
लिमिट में मिल रहा तेल, लंबी कतारें
ईंधन की सीमित उपलब्धता को देखते हुए पंप संचालकों ने तेल वितरण की सीमा तय कर दी है। वर्तमान में दोपहिया वाहनों को अधिकतम 200 रुपये और चारपहिया वाहनों को 2000 रुपये तक का ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। जमशेदपुर के 36 पंपों में से 15 से अधिक पर बिक्री पूरी तरह ठप हो गई है। सबसे बुरा हाल भारत पेट्रोलियम (BPCL), इंडियन ऑयल (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के आउटलेट्स का है।
कोल्हान के तीनों जिले प्रभावित
ईंधन संकट का असर केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि सरायकेला-खरसावां और पश्चिम सिंहभूम के चाईबासा जैसे इलाकों तक पहुंच गया है। जमशेदपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन के मुताबिक, पूरे कोल्हान क्षेत्र में करीब 300 पेट्रोल पंप हैं। डिपो से आपूर्ति बाधित होने के कारण स्टॉक खत्म हो रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
क्यों पैदा हुआ संकट?
पंप संचालकों के मुताबिक डिपो से नियमित आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। जब तक डिपो से तेल की लोडिंग सामान्य नहीं होती, तब तक संकट बरकरार रहने की आशंका है। भारी वाहनों और यात्री बसों को भी पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है, जिससे माल ढुलाई और परिवहन सेवा पर भी असर पड़ने लगा है।


















