जमशेदपुर: एसबीआई एटीएम सुरक्षा कर्मियों का प्रदर्शन, नौकरी बहाली की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे गार्ड
नीरज तिवारी
जमशेदपुर: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एटीएम में वर्षों से सेवा दे रहे सुरक्षा कर्मियों ने शुक्रवार को अपनी जीविका बचाने के लिए उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। सुरक्षा गार्डों ने नई सुरक्षा एजेंसी CISS पर मनमानी और बिना किसी सूचना के नौकरी से हटाने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रदर्शनकारी सुरक्षा गार्डों का कहना है कि वे पिछले 10 से 15 वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ एटीएम की सुरक्षा में तैनात थे। पहले वे WWSO कंपनी के अधीन कार्य कर रहे थे, लेकिन 1 मई 2026 से सुरक्षा का जिम्मा नई एजेंसी CISS को सौंप दिया गया। गार्डों का आरोप है कि कार्यभार संभालते ही नई एजेंसी ने पुराने अनुभवी कर्मियों को बिना किसी वैध कारण के बाहर का रास्ता दिखा दिया और उनकी जगह नए लोगों की भर्ती शुरू कर दी।
धमकी और दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप
पीड़ित सुरक्षा कर्मियों ने नई एजेंसी से जुड़े सोमनाथ सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गार्डों का दावा है कि जब उन्होंने अपनी ड्यूटी पर वापस लेने की गुहार लगाई, तो उन्हें गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, कर्मियों को ‘घर से उठा लेने’ तक की धमकी मिलने की बात कही गई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके पास इन धमकियों की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।
आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार
प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने भावुक होते हुए कहा कि कोरोना काल जैसे कठिन समय में भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर एटीएम की सुरक्षा की थी। आज अचानक नौकरी चले जाने से उनके परिवारों के सामने भुखमरी और आर्थिक तंगी का संकट खड़ा हो गया है।
राजनीतिक दलों का मिला समर्थन
सुरक्षा कर्मियों के इस आंदोलन को झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता कुणाल सारंगी और कांग्रेस नेता अजय सिंह ने अपना समर्थन दिया है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा कर्मियों की मांगों पर प्रशासन और बैंक प्रबंधन ने सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, मामले के समाधान के लिए शनिवार को त्रिपक्षीय वार्ता होने की संभावना है। इसमें बैंक प्रबंधन, सुरक्षा एजेंसी और प्रदर्शनकारी कर्मियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।


















