झारखंड: टॉर्च की रोशनी में प्रसव और मां-बच्चे की मौत पर बड़ी कार्रवाई, राजनगर CHC प्रभारी सस्पेंड
सरायकेला: झारखंड के स्वास्थ्य विभाग ने राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में हुई लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराने के दौरान प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिव लाल कंकुल को तत्काल प्रभाव से निलंबितकर दिया गया है।
लापरवाही की पराकाष्ठा: अंधेरे में हुआ प्रसव
करीब एक सप्ताह पहले राजनगर CHC में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई थी। अस्पताल में बिजली गुल होने के बावजूद वैकल्पिक बिजली (जेनरेटर या इन्वर्टर) की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। आरोप है कि प्रभारी डॉक्टर की अनुपस्थिति में एक नर्स ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर महिला का प्रसव कराया। इस दौरान स्थिति बिगड़ने से मां और बच्चे दोनों की मौत हो गई।
विभाग ने निलंबन आदेश में क्या कहा?
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉ. कंकुल पर निम्नलिखित आरोप सिद्ध पाए गए हैं:
प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी में पूर्ण विफलता।
कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही और पद का दुरुपयोग।
आपातकालीन बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित न करना।
निलंबन की अवधि के दौरान डॉ. कंकुल का मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय निर्धारित किया गया है।
जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में टीकाकरण के बाद नवजात की मौत, जांच शुरू
स्वास्थ्य विभाग अभी राजनगर मामले से निपट ही रहा था कि जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल से एक और दुखद खबर आई। यहाँ मानगो निवासी उमेश कुमार रवानी के नवजात बच्चे की नियमित टीकाकरण के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
परिजनों के गंभीर आरोप:
बच्चे का जन्म 9 मई को हुआ था और वह पूरी तरह स्वस्थ था।
सोमवार को अस्पताल में टीका लगने के तुरंत बाद बच्चे का शरीर नीला पड़ गया और उसकी जान चली गई।
परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
अधीक्षक का बयान:
अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि टीकाकरण या चिकित्सा प्रक्रिया में कोई चूक पाई गई, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


















