लोकनायक के मार्ग पर चलने का संकल्प, राजधानी में प्रतिमा स्थापना की जाये : डॉ.प्रणव कुमार बब्बू

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रांची. स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी, समाजवादी, सिद्धांतवादी, राजनीतिज्ञ, सम्पूर्ण क्रांति के जनक, महान नेता जयप्रकाश नारायण की 118 वीं जयन्ती के अवसर पर आज 11 अक्टूबर को राजधानी के पिठोरिया-चंदवे रोड स्थित सतकनादु में चित्रांश सिटी के समीप राजधानी में लोकनायक की एकमात्र प्रतिमा स्थल के समक्ष समारोह का आयोजन किया गया.
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, झारखण्ड प्रदेश द्वारा आयोजित समारोह में सोशल डिस्टेंस का पूरा ध्यान रखते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गयी और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में जेपी के विचारों की बढ़ती प्रासंगिकता विषय पर संक्षिप्त चर्चा की गयी.
समारोह की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.प्रणव कुमार बब्बू ने कहा कि वर्तमान समय के उथल-पुथल भरे माहौल में लोकनायक के विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ गयी है. उन्होंने माँग की कि राजधानी में कहीं किसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण की आदमकद प्रतिमा की स्थापना की जाये और यह इस कारण से और भी आवश्यक है क्योंकि लोकनायक का झारखण्ड की ज़मीन से गहरा नाता रहा. वे लम्बे समय तक हज़ारीबाग जेल में कैद रहे थे.
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने सम्बोधन में सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन के महत्वपूर्ण सेनानी और नेशनल कायस्थ एक्शन कमिटी के झारखण्ड प्रदेश संयोजक मुकेश भारतीय ने कहा कि लोकनायक मात्र स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे या उन्होंने केवल क्रांति नहीं की बल्कि उन्होंने दूरदर्शी नेताओं-कार्यकर्ताओं की एक वैसी फ़ौज़ तैयार की जो सही अर्थों में आम जन के कल्याण और सच्चे लोकतंत्र के लिये समर्पित हैं. श्री भारतीय ने कहा कि भले ही वैसे कुछ आंदोलनकारी बाद के दिनों में भ्रष्टाचार में लिप्त पाये गये पर जेपी ने भारतीय लोकतंत्र को निरंकुशता से बचाया. श्री भारतीय ने कहा कि आज इस बात का संकल्प लेने की जरूरत है कि कायस्थों की आपसी एकता और संगठनात्मक दक्षता के बलबूते आगे बढ़ने का भरपूर प्रयास किया जाये क्योंकि ऐसा करना केवल जातिगत नहीं है बल्कि इस प्रबुद्ध वर्ग की एकजुटता में ही समाज का सच्चा हित छुपा है.
समारोह में डॉ.प्रणव कुमार बब्बू, मुकेश भारतीय, दिनेश प्रसाद सिन्हा, विजय दत्त पिन्टू, जयदीप सहाय, सूरज कुमार सिन्हा, उपेन्द्र कुमार बब्लू, संतोष दीपक, एम.के.सिन्हा, अशोक श्रीवास्तव, प्रो.अजय कुमार सिन्हा, प्रो.सुनील सिन्हा, डॉ.रजनीश राज, शम्भु प्रसाद सिन्हा सहित अन्य सदस्यों ने भी सम्बोधित किया. कार्यक्रम का संचालन सूरज कुमार सिन्हा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन विजय दत्त पिन्टू ने किया.

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